बंदर ने ली महिला की जान
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बंदरों को भगाने गई एक महिला की खाई में गिरकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने गम और गुस्से का इजहार किया। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए बंदरों से निजात दिलाने की मांग की। पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
गोलूना गांव के लोग बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। बुधवार की शाम गांव के उत्तम सिंह शाही की पत्नी लछीमा देवी (46) गेहूं के खेतों से बंदरों को भगाने गई, इसी बीच उसका पांव फिसल गया और वह 40 मीटर नीचे टुनकिया गधेरे में जा गिरी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। जिला अस्पताल में पोस्टमार्र्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। महिला के तीन बच्चे हैं। उसकी एक बेटी को बीते वर्ष बिजली का करंट लग गया था, तभी से वह बिस्तर पर है। ऊर्जा निगम ने मुआवजा भी नहीं दिया जबकि उसका पति बेरोजगार है।
ग्राम प्रधान मुन्नी शाही, ब्लाक प्रमुख मनोहर राम, ज्येष्ठ उप ब्लाक प्रमुख हरीश शाही, कनिष्ट ब्लाक उप प्रमुख गोकुल पंचपाल, पूर्व ग्राम प्रधान मीना फर्त्याल, धन सिंह फर्त्याल, प्रकाश शाही, उमेश सिंह, बहादुर सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही आदि ने इस घटना पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने शासन प्रशासन से पीड़िता के परिजनों को अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग की है। विधायक ललित फर्स्वाण और जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने मृतका की मृत्यु पर गहरा दु:ख जताया है। उन्होंने पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।