फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Water Crysis in Ranikhet

दो दो योजनाओं के बावजूद प्यासे रहने को मजबूर हैँ रानीखेत के ग्रामीण

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 11:52 PM IST
विज्ञापन
Water Crysis in Ranikhet
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 30 साल पहले बनी चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना को जल संस्थान को हस्तांतरित करने की मांग फिर से जोर पकड़ने लगी है।
विज्ञापन

ताड़ीखेत ब्लॉक के लिए 40 साल पहले बनी गगास पेयजल योजना जीर्णशीर्ण हो चुकी है, जिस कारण यहां आए दिन पानी का संकट बना रहता है।
जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप सार्थक कार्रवाई न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ताड़ीखेत के गांवों में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए 2012 में चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना मंजूर हुई।
विज्ञापन

2019 में योजना बनकर तैैयार हुई लेकिन इस आज तक जल निगम की तरफ से जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं किया गया है। जिस कारण योजना के संचालन में कई खामियां उजागर हो रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बार बारिश न होने के कारण अधिकांश वक्त पानी की किल्लत रही। चिलियानौला सहित तमाम इलाकों में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जल निगम और जल संस्थान के आपसी विवाद का खामियाजा लोगों को भोगना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि दो-दो योजनाएं, दो-दो ट्यूबवेल होने के बावजूद पानी की किल्लत है।

यदि जल्द योजना हस्तांतरित नहीं होती है तो जनप्रतिनिधि आंदोलन शुरू कर देंगे। इस संबंध में सभासदों ने यहां संयुक्त मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडेय से मुलाकात की। कहा कि योजना हस्तांतरित हो जाती तो लोगों को मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध होता।
ज्ञापन सौंपने वाले में छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मोहन नेगी, नगर पालिका सभासद नवल पांडेय, दीपक कुमार, मनोनीत सभासद मदन कुवार्बी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed