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शीतलाखेत वालों से लें सबक, यहां तो ग्रामीणों ने आग से बचा रखे हैं जंगल
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अल्मोड़ा जिले के शीतलाखेत में वनाग्नि से बचाए गए जंगल।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। आग की घटनाओं ने पहाड़ के जंगलों में कहर बरपा रखा है। जगह-जगह जंगल जल रहे हैं। कहीं-कहीं तो जंगल की आग आबादी की ओर आने लगी है। वन संपदा को नुकसान हो रहा है लेकिन अल्मोड़ा जिले का शीतलाखेत क्षेत्र आग की घटनाओं से अछूता है। यहां वनाग्नि की एक भी घटना नहीं हुई है। इसका श्रेय ग्रामीणों का जाता है। उन्होंने जंगलों और वन संपदा को आग से बचाने के लिए शपथ ली है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वह पूरे फायर सीजन में अपने खेतों में कूड़ा और कृषि अवशेष नहीं जलाएंगे।
पहाड़ों में कई स्थानों पर चीड़ के पेड़ होने के कारण गर्मी में पिरूल गिरता है जिस कारण पहाड़ के जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं अधिक होती हैं। जंगलों से लगे हुए खेतों में लोग कूड़ा और कृषि अवशेष भी जलाते हैं जो वनाग्नि का कारण बन जाते हैं। इससे जंगल जलने के साथ ही वन संपदा का भी नुकसान होता है। इस कारण कई स्थानों पर जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं हो रही हैं।
जंगलों और वन संपदा को आग से बचाने के लिए शीतलाखेत क्षेत्र के ग्राम नौला, सल्ला, धामस, बटगल रौतेला और शीतलाखेत के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की है। इन क्षेत्रों के सभी ग्रामीणों, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने ओण दिवस के रूप में जंगल बचाओ पर्यावरण बचाओ के तहत शपथ ली है कि वह फायर सीजन में मार्च से जून तक अपने खेतों में कूड़ा और कृषि अवशेष नहीं जलाएंगे। इसके चलते इन ग्रामसभाओं में अभी तक एक भी वनाग्नि की घटना नहीं हुई है।
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डीएम ने की इस पहल की सराहना
अल्मोड़ा। डीएम वंदना सिंह ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने जिले के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर उनसे अपील की है कि वह वनाग्नि रोकने के लिए पूरा सहयोग करें। गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाएं। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को भी सभी ग्राम प्रधानों को अपील पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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पहाड़ों में कई स्थानों पर चीड़ के पेड़ होने के कारण गर्मी में पिरूल गिरता है जिस कारण पहाड़ के जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं अधिक होती हैं। जंगलों से लगे हुए खेतों में लोग कूड़ा और कृषि अवशेष भी जलाते हैं जो वनाग्नि का कारण बन जाते हैं। इससे जंगल जलने के साथ ही वन संपदा का भी नुकसान होता है। इस कारण कई स्थानों पर जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं हो रही हैं।
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जंगलों और वन संपदा को आग से बचाने के लिए शीतलाखेत क्षेत्र के ग्राम नौला, सल्ला, धामस, बटगल रौतेला और शीतलाखेत के ग्रामीणों ने मिसाल पेश की है। इन क्षेत्रों के सभी ग्रामीणों, महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने ओण दिवस के रूप में जंगल बचाओ पर्यावरण बचाओ के तहत शपथ ली है कि वह फायर सीजन में मार्च से जून तक अपने खेतों में कूड़ा और कृषि अवशेष नहीं जलाएंगे। इसके चलते इन ग्रामसभाओं में अभी तक एक भी वनाग्नि की घटना नहीं हुई है।
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डीएम ने की इस पहल की सराहना
अल्मोड़ा। डीएम वंदना सिंह ने ग्रामीणों की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने जिले के सभी ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर उनसे अपील की है कि वह वनाग्नि रोकने के लिए पूरा सहयोग करें। गांव में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाएं। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को भी सभी ग्राम प्रधानों को अपील पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।