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सड़क कटी पर डामर नहीं हुआ 

Sun, 20 Mar 2016 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोमेश्वर (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। Updated Sun, 20 Mar 2016 11:00 PM IST
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Village needs development
गांव को विकास की दरकार - फोटो : अमर उजाला

सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कौसानी से सात किमी की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत डौनी के ग्रामीण कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। 2013 में गांव के लिए काटी गई सड़क में अब तक डामर नहीं हुआ है। नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, लेकिन सुधलेवा कोई नहीं है। पैदल रास्ते की स्थिति भी ठीक नहीं है। चिकित्सा सुविधा के लिए ग्रामीणों को 19 किमी दूर सोमेश्वर आना पड़ता है। इस गांव में भी जंगली सुअरों का आतंक है। रात को पहरा देकर ग्रामीण किसी तरह थोड़ी बहुत फसल बचा पाते हैं। 

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डौनी गांव के लिए सड़क बनाने को 2004 में शिलान्यास हुआ, लेकिन सड़क कटान का काम 2010 में शुरू होकर 2013 में पूरा हुआ। अब तक सड़क में डामर नहीं हुआ है। इससे ग्रामीणों को यातायात सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश होने पर सड़क में कीचड़ होने से ग्रामीणों को पैदल चलने में भी दिक्कतें होती हैं। आसपास कोई अस्पताल भी नहीं है। पहले ग्रामीण मरीजों और गर्भवती महिलाओं को डोली में सात किमी पैदल कौसानी तक लाते हैं। वहां से वाहन के जरिए 12 किमी दूर सोमेश्वर अस्पताल पहुंचाते हैं। 
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गांव के लिए लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई चार नहरें लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं। पर विभाग का ध्यान इस ओर नहीं है। ग्रामीणों ने किसी तरह नहरों को कामचलाऊ बना रखा है। इनसे पानी रिसने से अधिकतर पानी बरबाद हो जाता है। 2010 में सड़क का कटान होने के दौरान पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हैं।
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गांव में आलू, गडेरी, पिनालु आदि फसलें बहुतायत में होती थी। यह फसलें बेचकर ग्रामीणों को आय होती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से सूअरों के झुंड खेती चौपट कर रहे हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मचान बनाकर रात में फसल बचाने के लिए बारी-बारी से पहरा देते हैं। जनप्रतिनिधियों, शासन, प्रशासन और विभागों की उदासीन से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण बताते हैं कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए नेता और कार्यकर्ता गांव में आते हैं। फिर पांच साल गायब हो जाते हैं। सड़क में डामरीकरण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे दिए गए हैं, लेकिन कोई ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।

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