{"_id":"56f6df924f1c1b4d31f14d31","slug":"uday-shankar-national-theatrical-academy","type":"story","status":"publish","title_hn":" उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी
ब्यूरा/अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के फलसीमा में बनकर तैयार उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के शुरू होने को लेकर संशय बना हुआ है। शासन ने स्थानीय संस्कृति कर्मियों के विरोध के बावजूद नव निर्मित भवन अल्मोड़ा में खुलने जा रहे आवासीय विवि को सौंपने का फैसला किया है। दूसरी तरफ अब संस्कृति विभाग ने अप्रैल से इस भवन में रंग मंडल स्थापित करके वहां कार्यशालाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। इसमें पहाड़ से संबंधित लोक नाट्य की कार्यशालाएं आयोजित करने और नाटकों के मंचन के साथ ही प्रोडक्शन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि करीब 14 साल पहले तत्कालीन राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम ने नृत्य सम्राट उदय शंकर की स्मृति में फलसीमा में उदय शंकर राष्ट्रीय अकादमी की आधारशिला रखी थी। करीब पांच माह पहले गुरुड़ाबांज में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का उद्घाटन किया था। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद प्रदेश शासन ने इस भवन को अल्मोड़ा में खुलने जा रहे आवासीय विवि को सौंपने का आदेश जारी कर दिया।
विज्ञापन
बीते दिनों कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी ने भी इस भवन में लोककला, संस्कृति आदि से संबंधित प्रशिक्षण शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने इसके लिए स्थानीय रंग कर्मियों से भी विचार-विमर्श किया था। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले सरकार के इस फैसले का स्थानीय संस्कृति कर्मियों ने काफी विरोध किया था। संस्कृति कर्मियों का कहना था कि नए विश्वविद्यालय के लिए 20 एकड़ जमीन की जरूरत है और जमीन तलाशी जा रही है। प्रस्तावित विवि के लिए अस्थाई तौर पर कुछ कक्षों की व्यवस्था कहीं अन्य स्थान पर भी हो सकती है।
विज्ञापन
इसलिए उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का अस्तित्व समाप्त नहीं किया जाना चाहिए। इधर, अब राज्य संस्कृति विभाग ने फिलहाल इस भवन में रंग मंडल स्थापित करने का फैसला कर लिया है। राज्य संस्कृति विभाग की निदेशक वीना भट्ट ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि अप्रैल से उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के भवन में पहाड़ से संबंधित लोक नाट्य की कार्यशालाएं और मंचन के साथ ही प्रोडक्शन भी शुरू किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इसके लिए क्षेत्र के सांस्कृतिक समूहों और संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। निदेशक ने कहा कि जब तक यह भवन विभाग के पास है तब तक इसमें कार्यशालाएं चलती रहेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस भवन को नए विवि को सौंपने का फैसला बीते दिनों हो चुका है, लेकिन हस्तांतरित करने के आदेश अभी नहीं हुए हैं।