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विकास भवन परिसर में दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर शुरू
Wed, 09 Jan 2019 10:43 PM IST
Almora desk
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
Published by: Almora desk
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:43 PM IST
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शिविर में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला
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आयुर्वेद कलमठिया क्लीनिक और अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के सहयोग से यहां विकास भवन परिसर में दो दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू हो गया है। शिविर में डॉक्टरों ने दर्जनों कर्मचारियों का परीक्षण कर इलाज किया। साथ ही उन्हें दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
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शिविर के पहले दिन कर्मचारियों और अधिकारियों की आयुर्वेद कलमठिया क्लीनिक के डॉ. अनीस सहित अन्य डॉक्टरों ने निशुल्क जांच की और उन्हें केरल की आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज के संबंध में परामर्श दिया। डॉ.अनीस विश्वराधना ने बताया कि केरल की आयुर्वेद पद्धति में मुख्य रूप से पंचकर्म थेरेपी के माध्यम से इलाज किया गया जो कि काफी फायदेमंद है।
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सीनियर कोआर्डिनेटर पूजा मन्सूर ने बताया कि शिविर के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कर्मचारियों को डॉ. अनीस द्वारा केरल की पंचकर्म पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जाएगी। शिविर में आयुर्वेद कलमठिया के डॉ. वर्षा, अनूप, सुनीता, मनीषा, अमल आदि ने सहयोग किया।
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अनियमित जीवन शैली से प्रभावित मिले कर्मचारी
अल्मोड़ा। केरल की विशेष पंचकर्म पद्धति से रोगियों का इलाज करने वाले आयुर्वेद कलमठिया के डॉ. अनीस ने बताया कि शिविर में इलाज के लिए पहुंचे अधिकतर कर्मचारी अनियमित जीवन शैली के कारण अस्वस्थ पाए गए। खास तौर पर भोजन का समय निश्चित नहीं होने और खाने के बजाय चाय अधिक पीने से भी पेट से संबंधित बीमारियां उत्पन्न होती हैं। कुछ कर्मचारियों में कमर और पीठ आदि में दर्द पाया गया।
उन्होंने बताया कि कुर्सी में लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से इस तरह की दिक्कत आती है। इसके अलावा डायबिटीज, कलस्ट्रोल और यूरिक एसिड बढ़ने आदि की भी दिक्कतें पाई गईं। उन्होंने बताया कि केरल की पंचकर्म पद्धति में माइग्रेन, जोड़ों का दर्द, रक्त विकार आदि का स्थायी इलाज उपलब्ध है। मरीजों को कुछ दिनों का कोर्स करके रोग से सदा के लिए छुटकारा मिल जाता है।