{"_id":"620168fb0c9f4820b66baa21","slug":"turn-in-road-creates-mess-ranikhet-news-hld4530717178","type":"story","status":"publish","title_hn":"गनियाद्योली-चिलियानौला सड़क के तीव्र मोड़ का नहीं हो सका ट्रीटमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गनियाद्योली-चिलियानौला सड़क के तीव्र मोड़ का नहीं हो सका ट्रीटमेंट
विज्ञापन
चिलियानौला लिंक मार्ग पर इस तरह से हो जाती है वाहनों की भिड़ंत।संवाद
- फोटो : RANIKHET
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। गनियाद्योली-चिलियानौला के अनियंत्रित तीव्र मोड़ का आज तक ट्रीटमेंट नहीं हो सका है। यह मोड़ किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बना हुआ है। मोड़ संकरा होने के कारण कई बार हल्द्वानी और रानीखेत की तरफ से आने वाले वाहनों में भिड़ंत तक हो जाती है। क्षेत्रवासी लंबे समय से मोड़ की चौड़ाई बढ़ाने और यहां क्रश बैरियर लगाने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभाग ने इसकी सुध तक नहीं ली है।
चिलियानौला कस्बे में प्रवेश के लिए पूर्व में ट्रांजिट कैंप के पास राजकीय पीजी कॉलेज गेट से कच्ची सड़क से वाहन होकर गुजरते थे। सेना की भूमि होने के कारण पांच 15 साल पहले सेना ने इस कच्ची सड़क को सिविल वाहनों के लिए बंद कर दिया। क्षेत्रवासियों की मांग पर बाद में लोनिवि ने चिलियानौला के लिए रानीखेत-हल्द्वानी मोटर मार्ग से विशुवा गांव के ऊपर लिंक मार्ग बनाया। जिसे बाद में पक्की सड़क का रूप दे दिया गया। लेकिन मोड़ की चौड़ाई काफी कम होने से गनियाद्योली और रानीखेत की तरफ से आने जाने वाले वाहनों का पता नहीं चल पाता। कई बार चिलियानौला से आने वाले वाहन आपस में भिड़ जाते हैं। जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इधर, चिलियानौला निवासी राजेंद्र सिंह बिष्ट, कवींद्र सिंह कुवार्बी, रोहित शर्मा, नवीन कुवार्बी आदि ने बताया कि कई बार लोनिवि से मोड़ की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की गई। लेकिन मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। शायद विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
- चिलियानौला लिंक मार्ग पहले से ही संकरा है। ऐसे में यदि मोड़ पर क्रश बैरियर लगाए गए तो सड़क और भी तंग हो जाएगी। विभाग ने दुर्घटना रोकने के लिए वह डेलीमीटर लगाए हैं, जिससे पता चल जाएगा कि यहां पर मोड़ है।-केएस बिष्ट, एई, लोनिवि प्रांतीय खंड रानीखेत।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिलियानौला कस्बे में प्रवेश के लिए पूर्व में ट्रांजिट कैंप के पास राजकीय पीजी कॉलेज गेट से कच्ची सड़क से वाहन होकर गुजरते थे। सेना की भूमि होने के कारण पांच 15 साल पहले सेना ने इस कच्ची सड़क को सिविल वाहनों के लिए बंद कर दिया। क्षेत्रवासियों की मांग पर बाद में लोनिवि ने चिलियानौला के लिए रानीखेत-हल्द्वानी मोटर मार्ग से विशुवा गांव के ऊपर लिंक मार्ग बनाया। जिसे बाद में पक्की सड़क का रूप दे दिया गया। लेकिन मोड़ की चौड़ाई काफी कम होने से गनियाद्योली और रानीखेत की तरफ से आने जाने वाले वाहनों का पता नहीं चल पाता। कई बार चिलियानौला से आने वाले वाहन आपस में भिड़ जाते हैं। जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इधर, चिलियानौला निवासी राजेंद्र सिंह बिष्ट, कवींद्र सिंह कुवार्बी, रोहित शर्मा, नवीन कुवार्बी आदि ने बताया कि कई बार लोनिवि से मोड़ की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की गई। लेकिन मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। शायद विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
विज्ञापन
- चिलियानौला लिंक मार्ग पहले से ही संकरा है। ऐसे में यदि मोड़ पर क्रश बैरियर लगाए गए तो सड़क और भी तंग हो जाएगी। विभाग ने दुर्घटना रोकने के लिए वह डेलीमीटर लगाए हैं, जिससे पता चल जाएगा कि यहां पर मोड़ है।-केएस बिष्ट, एई, लोनिवि प्रांतीय खंड रानीखेत।
विज्ञापन