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तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 20 Mar 2016 11:00 PM IST
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अल्मोड़ा। नेशनल ओरल हेल्थ डे पर आईटीबीपी सभागार में हुए तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में आईटीबीपी के जवानों को तंबाकू के उपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव बताए गए। नोडल अधिकारी डॉ. सविता हयांकी ने कहा कि धूम्रपान, तंबाकू चबाना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इससे धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति का भी नुकसान होता है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान से गर्भवती महिलाओं और उनके पेट में पल रहे शिशु को गंभीर बीमारियों का खतरा होता है।
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धूम्रपान से कैंसर, दिल की बीमारी, पक्षाघात, सांस लेने में परेशानी होती है। डेंटल सर्जन डॉ. मनु बत्रा ने कैंसर आदि मुंह से संबंधित रोगों के कारण, लक्षण, बचाव की जानकारी दी। बताया कि मुंह में फोड़ा, निगलने में परेशानी, पुरा मुंह न खुलना आदि लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। आईटीबीपी के अधिकारियों ने जवानों को तंबाकू का सेवन न करने और समाज से इस बुराई को दूर करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर शोध अधिकारी जीएस पंत, फाइनेंस ऑफिसर भरत कुमार, हिमांशु मस्यूनी, कोऑर्डिनेटर हिमांगी जोशी आदि थे।
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