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अभिव्यक्ति कार्यशाला में झलकेगी पहाड़ की पीड़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:10 PM IST
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अभिव्यक्ति कार्यशाला की तैयारियों को लेकर द्वाराहाट पहुंचे आयोजक।
- फोटो : अमर उजाला
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड रंगमंच के सौ साल पूरे होने पर सामाजिक, सांस्कृतिक और रंगमंच से जुड़ी संस्था उत्तराखंड रंगमंच शताब्दी नाट्योत्सव दो से चार दिसंबर तक यहां कुमाऊं इंजीनियरिंग कालेज में कुमाऊं नाट्य महोत्सव का आयोजन करेगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। ‘पहाड़ेकि पीड़’ नाटक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। इस दौरान पहाड़ की दिशा और दशा को लेकर गोष्ठियां भी होंगी।
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उत्तराखंड रंगमंच शताब्दी नाट्योत्सव संस्था दो दिसंबर को सुबह 11 बजे से दो बजे तक अभिव्यक्ति कार्यशाला आयोजित करेंगी, जिसमें माया मर्तोलिया लिखित पहाड़ेकि पीड़ नाटक का मंचन होगा। कंट्रीवाइड स्कूल बागेश्वर के बच्चे इसकी प्रस्तुति देंगे। शैलेष मटियानी के एक सुख नाटक का भी इसी दिन मंचन होगा। तीन दिसंबर को जुगल किशोर पेटशाली द्वारा लिखित चौपुरा महल और मथुरादत्त मठपाल द्वारा लिखित प्रतिध्वनि की प्रस्तुति दी जाएगी।
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चार दिसंबर को भाव रागताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ़ की भाना गंगनाथ और युगमंच नैनीताल द्वारा गोपुली बुबू नाटक पेश होगा। आयोजन समिति की बैठक में तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि कार्यशाला द्वारा गढ़वाल नाट्य महोत्सव के तहत 26 नवंबर से 28 नवंबर तक स्वामी मंथन सभागार, केंद्रीय विद्यालय श्रीनगर गढ़वाल में भी नाट्य महोत्सव होगा। चीफ कोआर्डिनेटर चारु तिवारी ने विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर संयोजक रमेश पंत, अनिल चौधरी, जेपी तिवारी, मनोज पांडे, डा. प्रीतम, लक्ष्मी त्रिपाठी, डा. अमिता प्रकाश, दीपक मेहता, कैलाश शाह, हरीश त्रिपाठी, पवन तिवारी, केपीएस अधिकारी, दीप हर्बोला आदि मौजूद थे।
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