{"_id":"6376b40ed8f6ff5bc9395b34759f242b","slug":"the-impact-of-the-tough-stance-of-the-speaker-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधानसभा अध्यक्ष की कड़े तेवरों का हुआ असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधानसभा अध्यक्ष की कड़े तेवरों का हुआ असर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 10 Jan 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
विधानसभा अध्यक्ष की कड़ी नाराजगी आरा सल्पड़ के किसानों में नई उम्मीद जगा गई। 22 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई करने वाली आरा नहर में नौ साल की प्रतीक्षा के बाद फिर से पानी चल गया है।
विज्ञापन
घोषणा के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष ने आरा पहुंच कर नहर का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर में पर्यापत पानी चलाने के निर्देश दिए। कुंजवाल ने क्षेत्र की इस उपजाऊ जमीन की चहारदीवारी बनाने को डीएम सविन बंसल से कार्रवाई करने को कहा।
विज्ञापन
दन्यां-आरा सल्पड़ मार्ग निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन से 11 सौ नाली से अधिक भूमि की सिंचाई करने वाली आरा नहर कई जगह ध्वस्त हो गई। 2006 से सिंचाई नहर पूरी तरह ठप हो जाने से यह भूमि बंजर हो गई थी।
विज्ञापन
अमर उजाला ने भी नहर बंद होने की खबर कई बार प्रमुखता से प्रकाशित की विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने नहर के सुधारीकरण को जिला योजना से 55 लाख रुपये मंजूर करवाए। आठ जनवरी तक नहर में पानी चलाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए थे।
शुक्रवार को कुंजवाल डीएम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को लेकर मौके पर पहुंचे। एसई पीसी मेलकानी ने बताया कि अभी एक ही श्रोत से पानी चल रहा है। दूसरी लाइन पर काम प्रगति में है।
विधानसभा अध्यक्ष ने दूसरी लाइन को दुरुस्त कर एक महीने के भीतर पानी चलाने, जंगली सुअरों द्वारा फसल को पहुंचाए जाने वाले नुकसान को रोकने के लिए डीएम से 22 हेक्टेयर भूमि में चहारदीवारी बनवाने को कहा।