{"_id":"69bd87836871f55a080dd1a7","slug":"the-dream-of-students-to-do-mca-will-soon-come-true-almora-news-c-232-1-alm1002-141136-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: छात्र-छात्राओं का एमसीए करने का सपना जल्द होगा साकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: छात्र-छात्राओं का एमसीए करने का सपना जल्द होगा साकार
Fri, 20 Mar 2026 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में जल्द एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) पाठ्यक्रम संचालित होने की उम्मीद जगी है। इस पहल से बीसीए की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के सपनों को नई उड़ान मिलेगी। एआईसीटीई से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे विश्वविद्यालय और महंगे संस्थानों में प्रवेश के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
एसएसजे परिसर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में वर्तमान में बीसीए पाठ्यक्रम ही संचालित होता है। बीसीए पूरा होने के बाद विद्यार्थी एमसीए करने को दूसरे विवि और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए चले जाते हैं। बीसीए में वर्तमान में 440 छात्र-छात्राएं अध्ययरत हैं। यहां एमसीए पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने से उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
राहत भरी खबर है कि विवि प्रबंधन ने परिसर में एमसीए पाठ्यक्रम संचालित करने की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए परिसर में चार मंजिला भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद पाठ्यक्रम संचालित करने को विवि एआईसीटीई को प्रस्ताव भेजेगा। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द परिसर में ही विद्यार्थी एमसीए की कक्षाओं में पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
विज्ञापन
युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर
एमसीए पाठ्यक्रम संचालित होने से परिसर में तकनीकी शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। एमसीए में विद्यार्थियों को आधुनिक आईटी कौशल का ज्ञान मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए आईटी सेक्टर में नौकरी पाने के बेहतर अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही युवा स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनेंगे।
विज्ञापन
एसएसजे परिसर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में वर्तमान में बीसीए पाठ्यक्रम ही संचालित होता है। बीसीए पूरा होने के बाद विद्यार्थी एमसीए करने को दूसरे विवि और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए चले जाते हैं। बीसीए में वर्तमान में 440 छात्र-छात्राएं अध्ययरत हैं। यहां एमसीए पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने से उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
राहत भरी खबर है कि विवि प्रबंधन ने परिसर में एमसीए पाठ्यक्रम संचालित करने की पहल शुरू कर दी है। इसके लिए परिसर में चार मंजिला भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद पाठ्यक्रम संचालित करने को विवि एआईसीटीई को प्रस्ताव भेजेगा। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द परिसर में ही विद्यार्थी एमसीए की कक्षाओं में पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
विज्ञापन
युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर
एमसीए पाठ्यक्रम संचालित होने से परिसर में तकनीकी शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। एमसीए में विद्यार्थियों को आधुनिक आईटी कौशल का ज्ञान मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए आईटी सेक्टर में नौकरी पाने के बेहतर अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही युवा स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बनेंगे।