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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   The children are being given the wrong information three years

तीन साल से बच्चों को दी जा रही गलत जानकारी

Thu, 09 Jul 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा Updated Thu, 09 Jul 2015 11:30 PM IST
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सरकार ने महापुरुषों और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के जीवन परिचय और प्रेरणास्पद कार्यों की जानकारी बच्चों को देने के लिए उनकी जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल जरूर कर रखी है, लेकिन किताबों में त्रुटियों के चलते छात्र-छात्राओं को इनके बारे में सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। कक्षा आठ की हिंदी की किताब बुरांश भाग तीन में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद की जन्मतिथि गलत छपी है। पिछले तीन साल से इस गलती को सुधारा नहीं जा रहा है।

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राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा आठ की हिंदी की पुस्तक बुरांश भाग तीन में पृष्ठ 75 में ध्यान चंद की जीवनी बदला तो मैंने भी लिया अध्याय है। इस अध्याय में ध्यान चंद का जन्म 1904 लिखा गया है, जबकि ध्यान चंद की सही जन्म तिथि 29 अगस्त 1905 है। शिक्षा विभाग तीन साल इस गलती को लगातार दोहरा रहा है पर अब तक सुधार नहीं किया गया है।  किसी अधिकारी और शिक्षाविदों का  ध्यान भी इस ओर नहीं है। बच्चों को लगातार गलत जानकारी दी जा रही है।
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इधर इंडोर हॉकी एसोसिएशन उत्तराखंड के सचिव दीपक वर्मा का कहना है कि शिक्षा सत्र शुरू हुए चार माह बीतने के बाद स्कूल में किताबें पहुंची हैं। किताब में इस वर्ष भी गलत तथ्य प्रकाशित कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। किताब के माध्यम से बच्चों को गलत जानकारी दी जा रही है। सरकार को ध्यान चंद के जन्म वर्ष को तत्काल सुधारना चाहिए, ताकि बच्चों को सही जानकारी मिल सके।

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