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Almora News: बदलते मौसम का वार... इमरजेंसी में तीन दिनों में 300 से अधिक पहुंचे बीमार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 09:41 PM IST
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The changing weather has hit... more than 300 people have fallen ill in the emergency ward in three days.
अल्मोड़ा। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका असर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में देखने को मिल रहा है जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में तीन दिनों में 325 मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं।
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मौसम लगातार बदल रहा है। बारिश के बाद तेज धूप खिल रही है। उमस और तापमान में बदलाव के कारण तेज बुखार, सर्दी जुकाम और रक्तचाप संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक बीमार पड़ रहे हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में तो मरीजों की भीड़ रहती ही है साथ ही अब इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या में वृद्धि होने लगी है। बीते तीन दिनों में इमरजेंसी में 325 मरीज विभिन्न बीमारियों का उपचार करा चुके हैं।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 24 जुलाई को 115 मरीज, 25 जुलाई को 110 मरीज और 26 जुलाई को 100 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अधिकांश मरीज बुखार, खांसी, सर्दी जुकाम, सीने में दर्द समेत अन्य बीमारियों के थे। रविवार को ओपीडी बंद थीं। मरीज इमरजेंसी में उपचार को पहुंचे थे।
वर्जन
सर्दी जुकाम और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। लगातार तीन दिनों तक बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दिखाएं। मौसम बदल रहा है। ऐसे में सेहत का ख्याल रखना चाहिए। - डॉ. मोहम्मद एहराज मलिक, आकस्मिक चिकित्साधिकारी जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ अवकाश पर
बागेश्वर। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं फिर पटरी से उतरती नजर आ रही हैं। अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ के छुट्टी पर चले जाने से बाल रोग ओपीडी और प्रसूति विभाग की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। बीते एक सप्ताह से शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के कारण अब तक तीन गंभीर नवजात शिशुओं को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा है।
जिला अस्पताल में रोजाना जिलेभर से कई बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा अस्पताल में प्रतिदिन औसतन एक से दो प्रसव भी होते हैं। जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य जांच और जरूरत पड़ने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल बेहद जरूरी होती है लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नवजातों की रूटीन जांच और इलाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।


कोट
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ अनिवार्य चिकित्सीय अवकाश पर हैं। जिला अस्पताल में अस्थायी रूप से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए सीएमओ अल्मोड़ा से लगातार वार्ता चल रही है। जल्द ही विशेषज्ञ डॉक्टर की व्यवस्था की जा सके। - डॉ. कुमार आदित्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बागेश्वर
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