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प्रशिक्षण में आचार्यों को दी विभिन्न विषयों की जानकारी
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चौखुटिया सशिमं में प्रशिक्षण को पहुंचे आचार्यगण।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/चौखुटिया। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान की ओर से शिशु और विद्या मंदिरों के आचार्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत शनिवार को अल्मोड़ा संकुल का विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधारा और द्वाराहाट का सरस्वती शिशु मंदिर चौखुटिया में एक दिनी प्रशिक्षण दिया गया।
रानीधारा में मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी ने कहा कि शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति की जानकारी दी।
विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक परीक्षित जोशी, गोविंद बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर क्रांति का महत्व बताया। डाइट के प्रवक्ता डॉ. हरीश जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1996 से लेकर नई शिक्षा नीति 2020 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है। इससे पहले प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, संभाग निरीक्षक सुरेशानंद ने विचार रखे।
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कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, डॉ. हरीश जोशी, हरीश बिष्ट, सुरेशानंद, गोदावरी चतुर्वेदी, खजान जोशी आदि थे। वहीं चौखुटिया में जन शिक्षा समिति के राज्य उपाध्यक्ष बलवंत सिंह नेगी ने शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों का गौरवशाली इतिहास बताया।
उन्होंने संस्कारवान शिक्षा दिलाने के लिए आचार्यों के योगदान को सराहा। इस मौके पर संकुल प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट, प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र जोशी, कैलाश कांडपाल, डॉ. मदन चौधरी, हेम कांडपाल आदि ने विचार रखे। इससे पहले भुवन मैनाली ने वंदना सत्र करवाया।
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रानीधारा में मुख्य अतिथि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी ने कहा कि शिक्षा से ही व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने नई शिक्षा नीति की जानकारी दी।
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विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक परीक्षित जोशी, गोविंद बिष्ट ने शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर क्रांति का महत्व बताया। डाइट के प्रवक्ता डॉ. हरीश जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1996 से लेकर नई शिक्षा नीति 2020 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की जरूरत है। इससे पहले प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, संभाग निरीक्षक सुरेशानंद ने विचार रखे।
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कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, डॉ. हरीश जोशी, हरीश बिष्ट, सुरेशानंद, गोदावरी चतुर्वेदी, खजान जोशी आदि थे। वहीं चौखुटिया में जन शिक्षा समिति के राज्य उपाध्यक्ष बलवंत सिंह नेगी ने शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों का गौरवशाली इतिहास बताया।
उन्होंने संस्कारवान शिक्षा दिलाने के लिए आचार्यों के योगदान को सराहा। इस मौके पर संकुल प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट, प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र जोशी, कैलाश कांडपाल, डॉ. मदन चौधरी, हेम कांडपाल आदि ने विचार रखे। इससे पहले भुवन मैनाली ने वंदना सत्र करवाया।