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स्वामी विवेकानंद का 160वीं जयंती पर भावपूर्ण स्मरण किया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 12:25 AM IST
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Swami Vivekanand Birth Anniversary
अल्मोड़ा के रामकृष्ण कुटीर में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर हुई कार्यक्रम में विचार रखते लोग। - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। नगर के ब्राइट एंड कार्नर पर स्थित रामकृष्ण कुटीर में स्वामी विवेकानंद जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। सूक्ष्म हुए कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कार्यों को याद किया गया।
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आश्रम के अध्यक्ष स्वामी ध्रुवेशानंद जी महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीयता और हिंदू धर्म की मिसाल बनकर उभरे थे। उनके त्यागमयी, ओजस्वी जीवन और विचारों का प्रभाव पूरे विश्व ने न केवल देखा सुना बल्कि आज भी वो विचार आदर्श जीवन का रास्ता दिखाते हैं। नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि अल्मोड़ा की धरती को भी ये क्षण संजोने का अवसर मिला जब स्वामी विवेकानंद का वैश्विक व्यक्तित्व हिमालय में रहा। आकाशवाणी केंद्र निदेशक प्रतुल जोशी ने स्वामी विवेकानंद के सामाजिक समानता और सेवा भाव की प्रासंगिकता को बयां किया। डॉ. चंद्रप्रकाश फुलोरिया ने आजादी की भावना में स्वामी विवेकानंद और कुमाऊं में आजादी के दौरान हुई घटनाओं के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर प्रज्ञा पांडे ने गीता का पाठ किया। स्वामी अनुराग महाराज ने भक्ति गीत प्रसारित किए। यहां मोहित पांडे आदि मौजूद थे। संचालन जगदीश पांडे ने किया।
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इधर, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग की ओर से संचालित विवेकानंद शोध और अध्ययन केंद्र में स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गए। इस मौके पर योग विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में स्वामी विवेकानंद शोध, अध्ययन केंद्र के निदेशक और योग विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद्र भट्ट और समाजसेवी दुर्गा देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विभागाध्यक्ष डॉ. भट्ट ने कहा कि विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं।युवा ही देश की वह अमूल्य निधि हैं जिन पर राष्ट्र का भविष्य निर्भर करता है। विवेकानंद की जीवनी और उनके विचार वर्तमान में युवाओं के सफल और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यबोध के लिए मील के पत्थर साबित होंगे। दुर्गा देवी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद मानवता के सच्चे साधक और महान योगी रहे हैं। उनका जीवन प्राणिमात्र के कल्याण के लिए समर्पित रहा है। इस मौके पर योग विभाग के शोधार्थी विश्वजीत वर्मा, मोनिका बंसल, चंदन लटवाल, विद्या नेगी, रजनीश जोशी, शिक्षक लल्लन सिंह, गिरीश अधिकारी ने विचार रखे। इस मौके पर निबंध प्रतियोगिता भी हुई। जिसके परिमाम जल्द घोषित किए जाएंगे।
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