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कमरों में सहमे-सहमे से रहते हैं छात्र
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:16 PM IST
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स्कूल का टूटा भवन।
- फोटो : अमर उजाला
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सल्ट विकासखंड अंतर्गत जीआईसी नैल्वालपाली का भवन काफी जीर्ण हालत में है। बारिश होने पर छत से पानी टपक कर कमरों में पहुंच जाता है। हाल में हुई तेज बारिश में विद्यालय भवन के दो कमरों की दीवारें ध्वस्त हो गईं। संयोग से उस दिन विद्यालय में छुट्टी थी जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
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जीआईसी नैल्वालपाली का भवन काफी पुराना है। विद्यालय भवन की छत और कमरे जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। स्थिति यह है कि हल्की बारिश में पानी छत से टपक कर कमरों के अंदर पहुंच जाता है। तेज बारिश होने पर कमरों के भीतर पानी इकट्ठा हो जाता है और वहां तालाब बन जाता है। बारिश होने पर छठी से इंटर तक के बच्चों को एक साथ बरामदे में बैठाकर किसी तरह कक्षाएं चलती हैं। बारिश तेज होने पर विद्यालय प्रशासन को मजबूरन बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है।
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विद्यालय भवन की दीवारें भी जर्जर हालत में हैं। कभी भी विद्यालय में हादसा हो सकता है। स्कूल में पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। स्कूल के दस्तावेज रखने की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। बारिश में कई दस्तावेज खराब हो चुके हैं। प्रधानाचार्य हबीब अहमद ने बताया कि स्कूल भवन की हालत के संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार सूचना दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है।
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