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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Shabby building threat to children's lives

जर्जर भवन में बच्चों के जीवन को खतरा

Tue, 14 Jul 2015 01:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा। Updated Tue, 14 Jul 2015 01:15 AM IST
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सरकार स्कूलों के निर्माण में प्रतिवर्ष भारी भरकम बजट खर्च करती है, लेकिन सरकारी बजट का कई स्थानों पर खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।

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लाखों रुपये के लागत से सत्रह साल पहले बना प्राथमिक स्कूल नौगांव (भैंसियाछाना) का भवन जर्जर हालत में पहुंच गया है। हालत यह है कि प्लास्टर उखड़ने से लेंटर केसरिया दिखाई दे रहे हैं। हल्की बारिश में भी कमरे के भीतर पानी भर जाता है। मौसम सही रहने पर बरामदे में कक्षाएं चलती हैं।

भैंसियाछाना विकासखंड में सेराघाट मार्ग में जमराड़ी बैंड से करीब दो किमी दूरी पर नौगांव में प्राथमिक स्कूल स्थित है। 1998 में बना यह स्कूल भवन वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गया है। स्कूल में दो कक्ष और एक कार्यालय कक्ष है। लेंटर में दरारें पड़ी हैं सीमेंट उखडने से सरिया दिखाई दे रही हैं।
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बारिश होने पर कमरों में भर जाता है। दीवारों से भी पानी रिसता रहता है। कई स्थानों पर दीवारों का प्लास्टर उखड़ा हुआ है। खिड़कियां भी टूटी हुई हैं। दरवाजे भी खराब स्थिति में हैं।
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स्कूल में अध्ययनरत 29 बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक तैनात हैं। जीर्ण-शीर्ण कक्ष बैठने की स्थिति में नहीं हैं। कभी भी इस पुराने भवन के ढहने से बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है।


बारिश हुई तो बच्चों की छुट्टी करनीपड़ती है। भवन निर्माण के नाम पर हर साल सरकार करोड़ों का बजट देती है। जीर्णोद्धार के लिए भी स्कूलों को बजट मिलता है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी आते हैं। आपदा के नाम पर भारी भरकम बजट खर्च हो रहा है, लेकिन इस विद्यालय की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

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