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चौखुटिया में धर्मनिरपेक्ष युवा मंच की गोष्ठी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
Updated Mon, 23 May 2016 12:16 AM IST
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राजनीतिक गोष्ठी
- फोटो : अमर उजाला
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चौखुटिया (अल्मोड़ा)। धर्मनिरपेक्ष युवा मंच की ओर से रविवार को यहां गोष्ठी हुई। जिसका विषय था : ‘धर्मनिरपेक्षता और नेहरू-गांधीवादी विचारधारा की वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आवश्यकता’। इसमें धर्मनिरपेक्षता की व्याख्या कर इसे व्यापक संदर्भों में लेने पर जोर दिया गया। कहा गया कि समाज में आपसी स्नेह, सद्भावना और सबका सम्मान धर्मनिरपेक्षता का मूल मंत्र है।
गोष्ठी में कहा गया कि धर्मनिरपेक्षता में समाज और देश को एक सूत्र में बांधने, जनकल्याण का संदेश छिपा है। संयोजक विनय किरौला ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों में नेहरू गांधी के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। इनके बिना प्रगति नहीं हो सकती। गोष्ठी में दोनों महापुरुषों के योगदान की चर्चा करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया।
कहा गया कि युवा पीढ़ी को गांधी, नेहरू की विचारधारा से आत्मसात किया जाना चाहिए ताकि देश धर्मनिरपेक्षता के उनके सिद्धांतों को अपनाए और सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के लोग एकसाथ मिलकर ऊंचाइयों की नई बुलंदियों को छू सकें। प्रकाश बिष्ट ने संचालन किया। गोष्ठी को अमर सिंह रावत, बालादत्त तिवारी, जीवन नेगी, नंदन संगेला, महेश लाल वर्मा, राजेंद्र कांडपाल, कृष्णा राठौर, बसंती देवी, विजय गोरखा, गणेश सांणी, देवेंद्र रावत, जितेंद्र, मोनू, हिमांशु, अमित चौधरी, विजय प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
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गोष्ठी में कहा गया कि धर्मनिरपेक्षता में समाज और देश को एक सूत्र में बांधने, जनकल्याण का संदेश छिपा है। संयोजक विनय किरौला ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों में नेहरू गांधी के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। इनके बिना प्रगति नहीं हो सकती। गोष्ठी में दोनों महापुरुषों के योगदान की चर्चा करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया गया।
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कहा गया कि युवा पीढ़ी को गांधी, नेहरू की विचारधारा से आत्मसात किया जाना चाहिए ताकि देश धर्मनिरपेक्षता के उनके सिद्धांतों को अपनाए और सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के लोग एकसाथ मिलकर ऊंचाइयों की नई बुलंदियों को छू सकें। प्रकाश बिष्ट ने संचालन किया। गोष्ठी को अमर सिंह रावत, बालादत्त तिवारी, जीवन नेगी, नंदन संगेला, महेश लाल वर्मा, राजेंद्र कांडपाल, कृष्णा राठौर, बसंती देवी, विजय गोरखा, गणेश सांणी, देवेंद्र रावत, जितेंद्र, मोनू, हिमांशु, अमित चौधरी, विजय प्रसाद आदि ने संबोधित किया।
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