फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Save natural water source

संरक्षण के अभाव में नौले-धारों पर संकट

Tue, 16 Feb 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)। Updated Tue, 16 Feb 2016 12:59 AM IST
विज्ञापन
Save natural water source

 उपमंडल क्षेत्र के हजारों लोगों की प्यास बुझाने वाले अधिकतर पारंपरिक नौले और धारे उचित संरक्षण के अभाव में सूखने की कगार पर हैं। संवर्धन को बनी योजनाएं भी अपेक्षित रूप से धरातल पर नहीं दिखाई देती। कई स्थानों पर ईंट और कंकरीट के जंगल विकसित हो चुके हैं, जिससे अधिकतर नौले पट चुके हैं।

विज्ञापन


बचे हुए नौले और धारे संरक्षण न मिलने से सूखने की कगार पर हैं। ग्रीष्मकाल में रानीखेत उपमंडल के कई इलाकों में पेयजल का विकट संकट खड़ा हो जाता है।

चंद और कत्यूरी वंशीय राजाओं ने उपमंडल क्षेत्र की 675 पंचायतों में 1500 से अधिक नक्काशी के नौले स्थापित किए थे। हालांकि अब वन विभाग ने प्राचीन पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए चाल खाल और जलाशयों का निर्माण करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


ब्रिटिशकालीन आबकारी धारे में पानी की मात्रा कम होने लगी है। धारे के आसपास लगे पुराने आठ बांज के पेड़ उखड़ चुके हैं। कुछ पेड़ों से खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी मोहन नेगी, कुंदन गिरि गोस्वामी कुंदा, बीएल साह आदि ने बताया कि संवर्धन के लिए वन विभाग छावनी परिषद के सहयोग से कई बांज के पौधों का रोपण किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गर्मियों में ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना से जुड़े गांवों में पानी का घोर संकट खड़ा हो जाता है। चिलियानौला क्षेत्र में सबसे अधिक समस्या रहती है। लोग नौपय्या, भुमियां और लछिमा धारों पर रात्रि में भी डटे रहते हैं। नगर में संकट के समय लोग आबकारी, पुदीनापानी, धोबीधारा आदि धारों पर निर्भर रहते हैं। हालांकि छावनी परिषद टैंकरों से पानी बांटती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed