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‘सैंया भये कोतवाल’ नाटक की प्रस्तुति से मन मोहा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:18 PM IST
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उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद की ओर से यहां चल रहे पांच दिनी हिमाद्रि नाट्य समारोह के चौथे दिन कलाकारों ने ‘सैंया भये कोतवाल’ नाटक की प्रस्तुति देकर लोगों का मन मोह लिया।
नाटक की कहानी सूर्यपुर के राजा रणधीर सिंह की है। राजा शिकार खेलने में मस्त रहता है जबकि राज्य के सभी काम प्रधान देखता है, जो बहुत चतुर और चालाक है। राज्य के कोतवाल की मृत्यु के बाद कोतवाल बनने की बारी हवलदार की होती है, लेकिन प्रधान अपने अनपढ़ और जाहिल साले को कोतवाल बना देता है। परेशान हवलदार का अपने प्रेयसी मैनावती से विवाह करने का सपना पूरा नहीं हो पाता है। हवलदार, सिपाही और मैनावती की सहायता से कोतवाल को हटाने की तरकीब तैयार करते हैं। कोतवाल को मैनावती मुग्ध कर उससे राजमहल से महंगे उपहार चोरी करवाती है।
हवलदार चोरी की खबर राजा को दे देता है। कोतवाल चालाकी से पलंग चोरी करवाने की बात को कबूल कर देता है। राजा उसे पद से हटाकर हवलदार को कोतवाल बना देता है। इसके बाद हवलदार मैनावती से शादी कर लेता है।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी केडी द्विवेदी, बाल गोविंद मिश्र, पुन: प्रकाश श्रीवास्तव, मधुकांत मिश्रा, उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तारा जोशी, रंगकर्मी गोपाल चम्याल, रमेश, दीवान कनवाल, ओमप्रकाश, राजेंद्र तिवारी, गोकुल बिष्ट, प्रकाश बिष्ट, ललित जोशी, देवेंद्र भट्ट, ललित मोहन बिष्ट, नंदन रौतेला आदि मौजूद थे। संचालन आलोक वर्मा ने किया।
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नाटक की कहानी सूर्यपुर के राजा रणधीर सिंह की है। राजा शिकार खेलने में मस्त रहता है जबकि राज्य के सभी काम प्रधान देखता है, जो बहुत चतुर और चालाक है। राज्य के कोतवाल की मृत्यु के बाद कोतवाल बनने की बारी हवलदार की होती है, लेकिन प्रधान अपने अनपढ़ और जाहिल साले को कोतवाल बना देता है। परेशान हवलदार का अपने प्रेयसी मैनावती से विवाह करने का सपना पूरा नहीं हो पाता है। हवलदार, सिपाही और मैनावती की सहायता से कोतवाल को हटाने की तरकीब तैयार करते हैं। कोतवाल को मैनावती मुग्ध कर उससे राजमहल से महंगे उपहार चोरी करवाती है।
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हवलदार चोरी की खबर राजा को दे देता है। कोतवाल चालाकी से पलंग चोरी करवाने की बात को कबूल कर देता है। राजा उसे पद से हटाकर हवलदार को कोतवाल बना देता है। इसके बाद हवलदार मैनावती से शादी कर लेता है।
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इससे पूर्व मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर कार्यक्रम प्रभारी केडी द्विवेदी, बाल गोविंद मिश्र, पुन: प्रकाश श्रीवास्तव, मधुकांत मिश्रा, उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तारा जोशी, रंगकर्मी गोपाल चम्याल, रमेश, दीवान कनवाल, ओमप्रकाश, राजेंद्र तिवारी, गोकुल बिष्ट, प्रकाश बिष्ट, ललित जोशी, देवेंद्र भट्ट, ललित मोहन बिष्ट, नंदन रौतेला आदि मौजूद थे। संचालन आलोक वर्मा ने किया।