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जागेश्वर में लगी 5.50 लाख रुपये की कांपेक्टर मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 23 May 2016 12:23 AM IST
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जागेश्वर धाम
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। प्रसिद्ध जागेश्वर कस्बे को स्वच्छ और सुंदर बनाने की योजना जल्द साकार होगी। जिला प्रशासन के सहयोग से जागेश्वर धाम मंदिर प्रबंधन समिति कस्बे के कूड़े के निस्तारण के लिए ठोस अपशिष्ट कूड़ा निस्तारण प्रबंधन की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। मंदिर समिति इसके लिए कस्बे के करीब पांच दर्जन दुकानों और परिवारों को जैविक और अजैविक कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए दो-दो कूड़ेदान देगी।
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स्वच्छक कर्मी इस कूड़े को अलग-अलग उठाकर पास ही बनाए जा रहे कलेक्शन सेंटर पहुचाएंगे। अजैविक कूड़े को कांपेक्टर मशीन से कांपेक्ट करने के बाद काठगोदाम भेजा जाएगा। जबकि जैविक कूड़े से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी।
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सातवीं से चौदहवीं शताब्दी के मध्य बना जागेश्वर धाम 124 मंदिरों का समूह है। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम को बारह ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है। यहां वर्ष भर श्रद्धालु पहुंचते हैं। धाम से ही लगा जागेश्वर कस्बा भी है। पर जागेश्वर कस्बे में अब तक सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। दुकानों और आसपास के घरों से निकलने वाला कूड़ा कस्बे से कुछ दूरी पर अलग-अलग स्थानों पर फेंका जाता है।
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कई बार तो जटागंगा नदी के किनारे तक कूड़ा डाल दिया जाता है। इससे यह नदी भी दूषित हो जाती है। डीएम सविन बंसल ने इस मामले में विशेष रुचि लेते हुए जागेश्वर कस्बे के कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पहल की है।
साढ़े पांच लाख रुपये लागत की कांपेक्टर मशीन जागेश्वर में टिनशेड बनाकर स्थापित कर दी गई है। 48 दुकानों और करीब दस परिवारों का कूड़ा कस्बे में आता है। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रकाश भट्ट ने बताया कि समिति इन दुकानदारों और परिवारों को अपनी ओर से दो-दो कूड़ेदान मुहैया कराएगी। एक कूड़ेदान में जैविक और दूसरे में अजैविक कूड़ा रखा जाएगा।
समिति द्वारा तैनात किए गए चार स्वच्छक कूड़े को हाथ गाड़ी से उठाकर कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाएंगे। वहीं पर जैविक और अजैविक कूड़ा अलग-अलग छांटा जाएगा। इसके बाद अजैविक कूड़े (कागज, गत्ता, पॉलिथीन, प्लास्टिक बोतलें आदि) को कांपेक्टर मशीन में कांपेक्ट कर काठगोदाम पहुंचाया जाएगा। वहीं जैविक कूड़े से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इससे मंदिर समिति को आय भी होगी।