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Almora News: बीमार बच्चों के लिए कारगर साबित हो रहा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
Tue, 29 Apr 2025 12:23 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:23 AM IST
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स्क्रीनिंग के जरिये बीमारी की परख, फिर निशुल्क इलाज सेवा
एक साल में 56 बच्चे दिल में छेद की बीमारी से हुए मुक्त
अल्मोड़ा। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों के स्वास्थ्य पर पैनी निगाह रखी जा रही है। इस कारगर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। आरबीएसके के तहत हुई स्क्रीनिंग के जरिये एक साल में 56 बच्चों के दिल में छेद होनेे की समस्या पकड़ में आई और उनकी इस जटिल समस्या का इलाज किया जा चुका है।
कार्यक्रम के तहत जिले के सभी 11 ब्लॉकों में 12 आरबीएस की टीमें प्रत्येक सरकारी, अशासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी आदि संस्थानों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती आ रही है। बच्चों की स्क्रीनिंग में बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का पता लगाया जाता है। इसके बाद जिन बच्चों में परेशानी पाई जाती है, उनका सीएचसी और पीएचसी में इलाज किया जाता है जहां उन्हें उपचार की सारी सुविधाएं दी जातीं हैं। इसके बाद हालत में सुधार नहीं होने पर बेस स्थित डीईआईसी (जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र) में भेजा जाता है। सर्जरी की जरूरत पड़ने पर देहरादून, हल्द्वानी, बरेली के सरकार से अनुबंधित अस्पतालों में निशुल्क इलाज किया जाता है।
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केस-1
हवालबाग ब्लॉक की वलनी गांव की आंगनबाड़ी केंद्र में आरबीएसके की टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान चार साल की मानसी बिष्ट के दिल में छेद का मामला आया। उशकी सफलतापूर्वक निशुल्क सर्जरी की गई। मानसी अब पूरी तरह ठीक है।
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केस-2
हवालबाग ब्लॉक के पिठौनी गांव के चार साल के आशीष राज में जन्मजात मोतियाबिंद की समस्या थी। आंगनबाड़ी केंद्र पिठौनी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आशीष की बीमारी का पता लगा। उसकी एचआईएचटी देहरादून में सफल सर्जरी की गई। अब वह स्वस्थ है।
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कोट::::
जिले में आरबीएसके की टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी काम कर रही है। अभी तक एक साल में 56 का इलाज किया जा चुका हैं।
-डॉ. आरसी पंत सीएमओ अल्मोड़ा
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एक साल में 56 बच्चे दिल में छेद की बीमारी से हुए मुक्त
अल्मोड़ा। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्चों के स्वास्थ्य पर पैनी निगाह रखी जा रही है। इस कारगर परिणाम भी सामने आ रहे हैं। आरबीएसके के तहत हुई स्क्रीनिंग के जरिये एक साल में 56 बच्चों के दिल में छेद होनेे की समस्या पकड़ में आई और उनकी इस जटिल समस्या का इलाज किया जा चुका है।
कार्यक्रम के तहत जिले के सभी 11 ब्लॉकों में 12 आरबीएस की टीमें प्रत्येक सरकारी, अशासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी आदि संस्थानों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती आ रही है। बच्चों की स्क्रीनिंग में बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का पता लगाया जाता है। इसके बाद जिन बच्चों में परेशानी पाई जाती है, उनका सीएचसी और पीएचसी में इलाज किया जाता है जहां उन्हें उपचार की सारी सुविधाएं दी जातीं हैं। इसके बाद हालत में सुधार नहीं होने पर बेस स्थित डीईआईसी (जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र) में भेजा जाता है। सर्जरी की जरूरत पड़ने पर देहरादून, हल्द्वानी, बरेली के सरकार से अनुबंधित अस्पतालों में निशुल्क इलाज किया जाता है।
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केस-1
हवालबाग ब्लॉक की वलनी गांव की आंगनबाड़ी केंद्र में आरबीएसके की टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान चार साल की मानसी बिष्ट के दिल में छेद का मामला आया। उशकी सफलतापूर्वक निशुल्क सर्जरी की गई। मानसी अब पूरी तरह ठीक है।
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केस-2
हवालबाग ब्लॉक के पिठौनी गांव के चार साल के आशीष राज में जन्मजात मोतियाबिंद की समस्या थी। आंगनबाड़ी केंद्र पिठौनी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आशीष की बीमारी का पता लगा। उसकी एचआईएचटी देहरादून में सफल सर्जरी की गई। अब वह स्वस्थ है।
कोट::::
जिले में आरबीएसके की टीम लगातार बच्चों के स्वास्थ्य पर निगरानी काम कर रही है। अभी तक एक साल में 56 का इलाज किया जा चुका हैं।
-डॉ. आरसी पंत सीएमओ अल्मोड़ा