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स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती से पूर्व व्याख्यान माला में किया भावपूर्ण स्मरण
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स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को कर्मयोगी सोबन सिंह जीना की जयंती के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला आयोजित की गई। 112वीं जयंती से पूर्व संध्या आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान समेत सभी लोगों ने स्व. जीना का भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें याद किया।
मुख्य अतिथि चौहान, कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी, विशिष्ट अतिथि सेवा निधि निदेशक पद्मश्री डॉ. ललित पांडे ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि चौहान ने कहा कि इस परिसर का विद्यार्थी रहना मेरे लिए भी सौभाग्य की बात है। कहा कि स्व. जीना के नेतृत्व में 34 सूत्री मांगों का ज्ञापन देने के लिए गए थे। तब आंदोलनकारी जेल भी गए।
पर्वतीय विकास की अवधारणा के लिए उनका योगदान यादगार है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पांडे ने कहा कि स्व. जीना के व्यक्तित्व पर व्याख्यानमाला आयोजित करना सराहनीय कदम है। यह विवि परिसर सबसे पुराना है, और इसको बनाने को लेकर जिनका योगदान है उसके लिए सूचनापट स्थापित किया जाना चाहिए।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति ने कहा कि हम विवि के माध्यम से शिक्षा को जीना के स्वप्नों के अनुरूप कार्य करेंगे। चंद्रप्रकाश फुलोरिया ने संचालन किया।
इस मौके पर उत्तराखंड अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी, परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी, गोष्ठी के संयोजक प्रो. वीडीएस नेगी, आयोजक सचिव डॉ. पारूल सक्सेना, विवि विशेष कार्याधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, शोध एवं प्रसार निदेशालय के निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रो. इला साह, डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती, प्रॉक्टर प्रो. अनिल कुमार यादव आदि रहे।
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मुख्य अतिथि चौहान, कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी, विशिष्ट अतिथि सेवा निधि निदेशक पद्मश्री डॉ. ललित पांडे ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि चौहान ने कहा कि इस परिसर का विद्यार्थी रहना मेरे लिए भी सौभाग्य की बात है। कहा कि स्व. जीना के नेतृत्व में 34 सूत्री मांगों का ज्ञापन देने के लिए गए थे। तब आंदोलनकारी जेल भी गए।
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पर्वतीय विकास की अवधारणा के लिए उनका योगदान यादगार है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पांडे ने कहा कि स्व. जीना के व्यक्तित्व पर व्याख्यानमाला आयोजित करना सराहनीय कदम है। यह विवि परिसर सबसे पुराना है, और इसको बनाने को लेकर जिनका योगदान है उसके लिए सूचनापट स्थापित किया जाना चाहिए।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति ने कहा कि हम विवि के माध्यम से शिक्षा को जीना के स्वप्नों के अनुरूप कार्य करेंगे। चंद्रप्रकाश फुलोरिया ने संचालन किया।
इस मौके पर उत्तराखंड अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी, परिसर निदेशक प्रो. नीरज तिवारी, गोष्ठी के संयोजक प्रो. वीडीएस नेगी, आयोजक सचिव डॉ. पारूल सक्सेना, विवि विशेष कार्याधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, शोध एवं प्रसार निदेशालय के निदेशक प्रो. जगत सिंह बिष्ट, प्रो. इला साह, डीएसडब्ल्यू प्रो. जया उप्रेती, प्रॉक्टर प्रो. अनिल कुमार यादव आदि रहे।