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आपदा पीड़ितों का दर्द नहीं सुन रहा कोई
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 18 Jul 2015 02:04 AM IST
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भैंसियाछाना ब्लाक के बूढ़ाधार और खैरखेत के आपदा प्रभावितों का पांच साल बाद भी विस्थापन नहीं होने पर क्षेत्र के लोगों में रोष है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द विस्थापित नहीं किए जाने पर 23 जुलाई से ब्लाक कार्यालय में आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
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ज्ञापन में कहा गया है कि 2010 से क्षेत्र आपदा प्रभावित है। बूढ़ाधार में भीषण आपदा से कई परिवारों के मकान टूट गए हैं। वहीं खैरखेत में भी ग्रामीण आपदा से प्रभावित हैं, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी ग्रामीणों का विस्थापन नहीं किया गया है।
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जिससे ग्रामीण काफी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। चेतावनी दी है कि यदि विस्थापन को लेकर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो 23 जुलाई से ब्लाक मुख्यालय पर आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
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ज्ञापन देने वालों में ब्लाक प्रमुख हरीश सिंह बनौला, बीडीसी सदस्य संतोष कुमार, व्यापार मंडल अध्यक्ष दरबान रावत, मनोज राम, बालम राम, किशोर कुमार, किशन राम, लक्ष्मी देवी, रेखा देवी, कृष्ण कुमार, धनुली देवी, मोहन राम, गोविंद राम, हिम्मती देवी, राजेंद्र प्रसाद, बबलू राम, सुजान रराम, जगदीश प्रसाद, सूरज प्रकाश, केदार राम समेत तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण शामिल हैं।