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Almora News: किसानों को कुट्टू से बनने वाले उत्पादों से आय अर्जित करने के तरीके बताए
Mon, 09 Jun 2025 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:56 PM IST
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अल्मोड़ा। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण व सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल (जीबीपीएनआईएचईएसडी) और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) चंपावत की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय हिमालय मिशन (एनएमएमएस) के वित्तपोषित परियोजना के तहत दारमा घाटी का भ्रमण किया। इस दौरान टीम ने जीवंत गांवों दर, नगलिंग, बालिंग, दुक्तू, दांतू और तिदांग का दौरा किया।
डुक्तू गांव में तीन दिनी सर्वेक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान समयरेखा और ग्राम संसाधन मानचित्र तैयार किए गए। किसानों को स्थानीय फसलों जैसे कुट्टू और हरे कुट्टू से बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों का डेमो (प्रदर्शन) भी दिखाया गया।
उन्हें प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से आय अर्जित करने की जानकारी दी गई। टीम का मानना है कि यह पहल समुदायों में जागरूकता और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे जलवायु-संवेदनशील कृषि और वन-आधारित संसाधनों के माध्यम से सतत आजीविका को बढ़ावा दिया जा सके।
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अध्यक्षता डॉ. शैलजा पुनेठा और डॉ. दीपाली तिवारी ने की। राम सिंह सोनल, रवींद्र दुगताल ने कृषि व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं साझा कीं। इस दौरान शोधकर्ता टीम में निधि जोशी, पूजा ओली, प्रेरणा जोशी और विवेक सिंह रावत रहे।
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डुक्तू गांव में तीन दिनी सर्वेक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान समयरेखा और ग्राम संसाधन मानचित्र तैयार किए गए। किसानों को स्थानीय फसलों जैसे कुट्टू और हरे कुट्टू से बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों का डेमो (प्रदर्शन) भी दिखाया गया।
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उन्हें प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से आय अर्जित करने की जानकारी दी गई। टीम का मानना है कि यह पहल समुदायों में जागरूकता और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे जलवायु-संवेदनशील कृषि और वन-आधारित संसाधनों के माध्यम से सतत आजीविका को बढ़ावा दिया जा सके।
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अध्यक्षता डॉ. शैलजा पुनेठा और डॉ. दीपाली तिवारी ने की। राम सिंह सोनल, रवींद्र दुगताल ने कृषि व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं साझा कीं। इस दौरान शोधकर्ता टीम में निधि जोशी, पूजा ओली, प्रेरणा जोशी और विवेक सिंह रावत रहे।