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Almora News: दुग्ध संघ के अधिकारियों की जांच के आदेश जारी
Sat, 02 Dec 2023 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 02 Dec 2023 11:40 PM IST
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अल्मोड़ा। दुग्ध संघ में हुई वित्तीय अनियमितता के चलते इसी साल फरवरी में भंग हुई प्रबंधन समिति के बाद अब अधिकारियों पर भी जांच के आदेश जारी हो गए हैं। फरवरी 2023 में शिकायत के बाद हुई जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर डेयरी निदेशक ने संघ की प्रबंधन समिति को भंग कर दिया था।
जांच में सामने आया था कि बगैर निबंधक की अनुमति के मनमाने तरीके से समिति के सदस्यों को भारी-भरकम बजट खर्च कर गोवा का टूर कराया गया। साथ ही नियमों को ताक में रखकर कोटेशन के जरिए कंपनी को लाखों का ऑर्डर दे दिया गया।
वहीं बगैर रजिस्ट्रार की सहमति के कर्मियों का वेतन भी बढ़ाया गया। अब इस पूरे घटनाक्रम में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिलने पर डेयरी विकास विभाग ने उनके खिलाफ भी जांच बैठा दी है। विभाग का मानना है कि बगैर अधिकारियों के गोवा टूर के बिल कैसे पास हो गए। साथ ही बगैर टेंडर के कोटेशन के आधार पर सामग्री खरीदने के लिए लाखों का ऑर्डर कंपनी को कैसे मिल गया। इसकी जांच के लिए यूसीडीएफ के प्रबंधक डॉ. पीएस नागपाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार को डॉ. नागपाल ने दुग्ध संघ पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला और इन्हें अपने कब्जे में लिया।
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5.25 लाख की सामग्री का कोटेशन के आधार पर दे दिया ऑर्डर
अल्मोड़ा। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 5.25 लाख की सामग्री क्रय करने के लिए नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। नियमों के मुताबिक ढाई लाख रुपये से अधिक की सामग्री क्रय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी है। दुग्ध संघ में पांच लाख रुपये से अधिक की सामग्री खरीदने के लिए कोटेशन के आधार पर कंपनी को ऑर्डर दिया गया है।
कर्मचारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए हो रही जांच
अल्मोड़ा। दुग्ध संघ में हुई वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन अधिकारियों के साथ ही यहां तैनात कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। कर्मियों की भूमिका का पता लगाने के लिए डेयरी विकास विभाग के निदेशक भूपेंद्र बिष्ट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जो जांच कर रहे हैं।
कोट- दुग्ध संघ में हुई वित्तीय अनियमिताओं के पीछे अधिकारियों, कर्मियों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। जांच जारी है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. पीएस नागपाल, प्रबंधक, यूसीडीएफ, हल्द्वानी।
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जांच में सामने आया था कि बगैर निबंधक की अनुमति के मनमाने तरीके से समिति के सदस्यों को भारी-भरकम बजट खर्च कर गोवा का टूर कराया गया। साथ ही नियमों को ताक में रखकर कोटेशन के जरिए कंपनी को लाखों का ऑर्डर दे दिया गया।
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वहीं बगैर रजिस्ट्रार की सहमति के कर्मियों का वेतन भी बढ़ाया गया। अब इस पूरे घटनाक्रम में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिलने पर डेयरी विकास विभाग ने उनके खिलाफ भी जांच बैठा दी है। विभाग का मानना है कि बगैर अधिकारियों के गोवा टूर के बिल कैसे पास हो गए। साथ ही बगैर टेंडर के कोटेशन के आधार पर सामग्री खरीदने के लिए लाखों का ऑर्डर कंपनी को कैसे मिल गया। इसकी जांच के लिए यूसीडीएफ के प्रबंधक डॉ. पीएस नागपाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शुक्रवार को डॉ. नागपाल ने दुग्ध संघ पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला और इन्हें अपने कब्जे में लिया।
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5.25 लाख की सामग्री का कोटेशन के आधार पर दे दिया ऑर्डर
अल्मोड़ा। अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 5.25 लाख की सामग्री क्रय करने के लिए नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। नियमों के मुताबिक ढाई लाख रुपये से अधिक की सामग्री क्रय करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी है। दुग्ध संघ में पांच लाख रुपये से अधिक की सामग्री खरीदने के लिए कोटेशन के आधार पर कंपनी को ऑर्डर दिया गया है।
कर्मचारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए हो रही जांच
अल्मोड़ा। दुग्ध संघ में हुई वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन अधिकारियों के साथ ही यहां तैनात कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। कर्मियों की भूमिका का पता लगाने के लिए डेयरी विकास विभाग के निदेशक भूपेंद्र बिष्ट को जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जो जांच कर रहे हैं।
कोट- दुग्ध संघ में हुई वित्तीय अनियमिताओं के पीछे अधिकारियों, कर्मियों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। जांच जारी है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
डॉ. पीएस नागपाल, प्रबंधक, यूसीडीएफ, हल्द्वानी।