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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Only two seats Congress got in Home district of Chief Minister

मुख्यमंत्री के गृह जिले में कांग्रेस को मिली सिर्फ दो सीटें

Sat, 11 Mar 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Sat, 11 Mar 2017 10:42 PM IST
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 निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत के गृह जनपद की छह सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें ही मिल सकीं। जबकि भाजपा ने चार सीटें जीतकर शानदार सफलता हासिल की है। अल्मोड़ा नगर की सीट को छोड़ दें तो जिले की अन्य सीटों पर मोदी लहर का खास प्रभाव देखने को नहीं मिला। लोग यह मान रहे हैं कि यहां मोदी लहर का असर रहा होता तो रानीखेत में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट को हार का सामना नहीं करना पड़ता। वहीं युवाओं के समर्थन के बावजूद भाजपा प्रत्याशी सुभाष पांडे जागेश्वर में सफलता हासिल नहीं कर सके।  सोमेश्वर और सल्ट में भी भाजपा की जीत का अंतर काफी कम रहा। द्वाराहाट में भाजपा प्रत्याशी महेश नेगी छह हजार से अधिक मतों से जीते, लेकिन उनकी बड़ी जीत का कारण मोदी लहर नहीं माना जा रहा है। 

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2012 के विधानसभा चुनावों में जिले की छह सीटों में अल्मोड़ा, जागेश्वर, द्वाराहाट तीन पर कांग्रेस ने और रानीखेत, सोमेश्वर और सल्ट तीन पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस बार कांग्रेस को रानीखेत और जागेश्वर दो सीटों में संतोष करना पड़ा है जबकि चार सीटों पर भाजपा को सफलता मिली है। जानकार यह मान रहे हैं कि चुनाव परिणामों में अल्मोड़ा नगर क्षेत्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर मोदी लहर का खास असर नहीं रहा। खुद रानीखेत से विजयी रहे कांग्रेस प्रत्याशी करन महरा का कहना है कि अगर मोदी लहर रही होती तो वह इतने अच्छे मतों से विजयी नहीं हो पाते। पूरे पांच साल क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले अच्छी छवि के सल्ट से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र जीना भी सिर्फ 2904 मतों के अंतर की जीत से हतप्रभ दिखाई दिए। वह खुद बोले कि शायद सल्ट और रानीखेत में मोदी लहर का खास असर नहीं रहा होगा। 
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सोमेश्वर में भाजपा प्रत्याशी रेखा आर्या को शुरू से ही काफी मजबूत माना जा रहा था, लेकिन चुनाव के अंतिम दिनों तक स्थितियां काफी बदल गईं और वह सिर्फ 710 मत से चुनाव बचाने में कामयाब रहीं। अगर सोमेश्वर में मोदी लहर का असर रहा होता तो सुरेंद्र जीना और रेखा आर्या काफी अधिक मतों से चुनाव जीतने में सफल होते। यही स्थिति जागेश्वर में देखने को मिली। वहां विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल द्वारा कराए गए तमाम विकास कार्यों के बावजूद कुछ स्थानीय वजहों से भाजपा प्रत्याशी सुभाष पांडे को युवाओं और अन्य लोगों का काफी अच्छा समर्थन मिला, लेकिन गोविंद सिंह कुंजवाल ने आखिरी दिनों में अपने प्रयासों से चुनाव का रुख बदल दिया। लोग मान रहे हैं कि अगर यहां भी मोदी लहर का असर रहा होता तो सुभाष पांडे की जीत टल नहीं सकती थी। द्वाराहाट में भाजपा प्रत्याशी महेश नेगी छह हजार से अधिक मतों से जीते, लेकिन उनकी बड़ी जीत का कारण मोदी लहर नहीं माना जा रहा है। 

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