{"_id":"cb26786366a601b81021339dcaac6f4d","slug":"ongoing-classes-in-dilapidated-buildings-office-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर भवन में चल रही कक्षाएं, कार्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर भवन में चल रही कक्षाएं, कार्यालय
ब्यूूराे, अमर उजाला, मानिला/मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:15 AM IST
विज्ञापन
जीआईसी नैनवालपाली का भवन खस्ताहाल है। कालेज के 12 कमरों वाले भवन में से छह कमरे जीर्ण-शीर्ण हैं। अन्य जर्जर कमरों में ही कक्षाएं, कार्यालय चल रहा है।
विज्ञापन
पर्याप्त कमरे नहीं होने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। पिछले साल पांच सितंबर को खुमाड़ आगमन पर सीएम हरीश रावत ने स्कूल में चार कमरों के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन साल भर बाद भी कोई काम नहीं हुआ है।
विज्ञापन
जीआईसी नैनवालपाली में 250 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। कक्षा छह से 12वीं तक कक्षाओं, कार्यालय, स्टाफ और प्रधानाचार्य कार्यालय के लिए काफी पहले बने 12 कमरे हैं।
विज्ञापन
इनमें से छह कमरे 2010 से क्षतिग्रस्त हैं। खतरे को देखते हुए इन कमरों को बंद कर दिया है। शेष छह कमरे भी जर्जर हैं। इन्हीं कमरों में किसी तरह विद्यालय चल रहा है।
पर्याप्त कक्ष नहीं होने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है। अभिभावक काफी समय से स्कूल का नया भवन बनाने की मांग कर रहे हैं।
2013 में शिक्षा विभाग ने भवन निर्माण को 1.40 करोड़ का आगणन शासन को भेजा था, लेकिन बजट नहीं मिल सका है। 2012 में सरकार ने यहां लाखों रुपये खर्च कर गर्ल्स कॉमन रूम का निर्माण किया।
तीन साल बाद भी इस रूम को कार्यदायी संस्था जल निगम निर्माण खंड ने स्कूल को हस्तांतरित नहीं किया है। प्रधानाचार्य हबीब अहमद ने बताया कि भवन की स्थिति को लेकर बार-बार उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।