अल्मोड़ा। विधानसभा चुनाव ड्यूटी में लगी बसों के अभी न लौटने से मंगलवार को भी रूटों पर वाहनों की कमी रही। रोडवेज की 15 सेवा तो केमू की दो दर्जन से अधिक सेवाएं नहीं चलीं। सार्वजनिक यातायात व्यवस्था चरमराने से यात्रियों को दिक्कत हुई। गंतव्य को जान के लिए यात्रियों को स्टेशनों में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
परिवहन विभाग ने विधानसभा चुनाव के लिए केमू, रोडवेज की कई बसों का अधिग्रहण किया है। चुनाव संपन्न होने के बाद चुनाव ड्यूटी में लगी बसें कार्मिकों को वापस ला रहीं हैं। इस कारण मंगलवार को भी रूटों पर बसों की किल्लत रही। रोडवेज डिपो के पास कुल 42 बसें हैं। इनमें से 31 बसों का अधिग्रहण विधानसभा चुनाव के लिए हुआ था। इससे रोडवेज की संचालन व्यवस्था बुरी तरह चरमराई है। मंगलवार को रोडवेज की अटपेसिया, टनकपुर, दिल्ली प्रात:, हरिद्वार, मासी, लमगड़ा, बेतालघाट-दिल्ली, लखनऊ, धरमघर-दिल्ली समेत कुल 15 सेवाओं का संचालन ठप रहा। रोडवेज की गुरुग्राम, चंडीगढ़, बागेश्वर, शाम की दिल्ली, देहरादून पांच सेवाओं का ही संचालन हुआ। गुरुग्राम, चंडीगढ़, दिल्ली, देहरादून सेवाओं में ग्राहक ऑनलाइन टिकट बुक करा सकते हैं। बसें न मिलने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गंतव्य को जाने के लिए यात्रियों को स्टेशनों में बसों का इंतजार करना पड़ा। खासकर जिला मुख्यालय से अपने गांव आने-जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई लोग टैक्सियों में महंगा किराया चुकाकर गंतव्य को रवाना हुए।