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तहसीलों और कस्बों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 03 May 2016 10:35 PM IST
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गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं की आशंका बनी रहती है पर जिले में आग से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। अल्मोड़ा और रानीखेत को छोड़कर सभी कस्बे, बाजार और तहसील मुख्यालय असुरक्षित हैं। सिर्फ अल्मोड़ा और रानीखेत में ही अग्निशमन केंद्र हैं। इसके अलावा किसी भी कस्बे, तहसील और ब्लाक मुख्यालय में अग्निशमन सुविधाएं नहीं हैं। इन स्थितियों में आग की घटना होने पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है।
अल्मोड़ा और रानीखेत के अग्निशमन केंद्र इन दोनों नगरों में आग बुझाने के लिए तो उपयुक्त हैं लेकिन यहां से जिले के दूसरे इलाकों में जाकर आग पर काबू पाना संभव नहीं है। द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, चौखुटिया, मौलेखाल, सोमेश्वर दन्यां, भनोली, जैंती, भतरौजखान, लमगड़ा, जैंती सहित अन्य कस्बों, तहसील मुख्यालयों में अग्निशमन केंद्र नहीं हैं। सोमेश्वर, भतरौंजखान, द्वाराहाट, दन्यां, लमगड़ा में थाने तो हैं पर यहां भी अग्निशमन केंद्र नहीं खोले जा सके हैं।
यदि इन जगहों पर कभी आग की बढ़ी घटना हो जाए तो अल्मोड़ा और रानीखेत से वहां तक फायर वाहनों को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। इस स्थिति पर आग पर काबू पाना संभव नहीं होता। कई बार ऐसा हो भी चुका है। जब इन कस्बों में हुए अग्निकांडों में लाखों की संपत्ति स्वाहा हो गई। ऐसी स्थिति में तहसील और कस्बों को अग्नि की दृष्टि से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है।
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अल्मोडा से कस्बों की दूरी
सोमेश्वर 40 किमी,
दन्यां 90 किमी
लमगड़ा 35 किमी
जैंती 80 किमी
रानीखेत से कस्बा की दूरी
द्वाराहाट 30 किमी
चौखुटिया 45 किमी
भिकियासैंण 50 किमी
भतरौंजखान 28
मौलेखाल 100 किमी
देघाट 95 किमी
कोट----
जिले के द्वाराहाट, दन्यां, भिकियासैंण, जैंती में नए अग्नि शमन केंद्र खोलने के प्रस्ताव शासन को पूर्व में भेजे गए थे, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
जगत सिंह बोहरा, अग्निशमन अधिकारी, अल्मोड़ा।
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अल्मोड़ा और रानीखेत के अग्निशमन केंद्र इन दोनों नगरों में आग बुझाने के लिए तो उपयुक्त हैं लेकिन यहां से जिले के दूसरे इलाकों में जाकर आग पर काबू पाना संभव नहीं है। द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, चौखुटिया, मौलेखाल, सोमेश्वर दन्यां, भनोली, जैंती, भतरौजखान, लमगड़ा, जैंती सहित अन्य कस्बों, तहसील मुख्यालयों में अग्निशमन केंद्र नहीं हैं। सोमेश्वर, भतरौंजखान, द्वाराहाट, दन्यां, लमगड़ा में थाने तो हैं पर यहां भी अग्निशमन केंद्र नहीं खोले जा सके हैं।
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यदि इन जगहों पर कभी आग की बढ़ी घटना हो जाए तो अल्मोड़ा और रानीखेत से वहां तक फायर वाहनों को पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। इस स्थिति पर आग पर काबू पाना संभव नहीं होता। कई बार ऐसा हो भी चुका है। जब इन कस्बों में हुए अग्निकांडों में लाखों की संपत्ति स्वाहा हो गई। ऐसी स्थिति में तहसील और कस्बों को अग्नि की दृष्टि से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है।
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अल्मोडा से कस्बों की दूरी
सोमेश्वर 40 किमी,
दन्यां 90 किमी
लमगड़ा 35 किमी
जैंती 80 किमी
रानीखेत से कस्बा की दूरी
द्वाराहाट 30 किमी
चौखुटिया 45 किमी
भिकियासैंण 50 किमी
भतरौंजखान 28
मौलेखाल 100 किमी
देघाट 95 किमी
कोट----
जिले के द्वाराहाट, दन्यां, भिकियासैंण, जैंती में नए अग्नि शमन केंद्र खोलने के प्रस्ताव शासन को पूर्व में भेजे गए थे, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल सकी है।
जगत सिंह बोहरा, अग्निशमन अधिकारी, अल्मोड़ा।