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हैलो... कहने के लिए नौ किमी की दौड़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Tue, 31 Mar 2015 11:54 PM IST
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बागेश्वर। सूचना क्रांति के तमाम दावों के बावजूद महरगाड़, कनलगढ़ घाटी के गांव अभी तक संचार सुविधा से नहीं जुड़ सके हैं। ग्रामीणों को प्रियजनों को हैलो कहने के लिए नौ किमी दूर जाना पड़ता है। संचार सुविधा न होने का असर क्षेत्र के विकास पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सांसद से इन क्षेत्रोें को दूरसंचार सेवा से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
महरगाड़ घाटी के विभिन्न गांवों में भनार, लाथी, चुचेर, माजखेत, नामतीचेटाबगड़, सुखचौना, कालापैर काभड़ी, कनलगढ़ घाटी के जगथाना, पुड़कुनी, बैसानी, कन्यालीकोट, पौंसारी आदि गांवों में बीएसएनएल की संचार सुविधा नहीं है जबकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इन घाटियों की आबादी 20 हजार से अधिक है। ग्रामीणों ने बताया कि घाटी में बीएसएनएल का मोबाइल टावर लगाने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
टावर न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में दैवीय आपदा जैसी घटनाएं होने पर उसकी सूचना भी तहसील मुख्यालय पर देर से पहुंचती है। जिस कारण राहत कार्यक्रम शुरू होने में काफी देर हो जाती है। समय पर 108 सेवा भी नहीं मिल पाती है। जरूरी सूचना देने के लिए उन्हें यहां नौ किमी दूर क्रमश: खड़लेख, हरसीला जाना पड़ता है। इसमें उनका काफी समय, पैसा बर्बाद होता है। उन्होंने सांसद से समस्या का समाधान शीघ्र करने की मांग की है। उधर सांसद अजय टम्टा ने कहा कि दोनों क्षेत्रों में बीएसएनएल के टावर लगवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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महरगाड़ घाटी के विभिन्न गांवों में भनार, लाथी, चुचेर, माजखेत, नामतीचेटाबगड़, सुखचौना, कालापैर काभड़ी, कनलगढ़ घाटी के जगथाना, पुड़कुनी, बैसानी, कन्यालीकोट, पौंसारी आदि गांवों में बीएसएनएल की संचार सुविधा नहीं है जबकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इन घाटियों की आबादी 20 हजार से अधिक है। ग्रामीणों ने बताया कि घाटी में बीएसएनएल का मोबाइल टावर लगाने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
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टावर न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में दैवीय आपदा जैसी घटनाएं होने पर उसकी सूचना भी तहसील मुख्यालय पर देर से पहुंचती है। जिस कारण राहत कार्यक्रम शुरू होने में काफी देर हो जाती है। समय पर 108 सेवा भी नहीं मिल पाती है। जरूरी सूचना देने के लिए उन्हें यहां नौ किमी दूर क्रमश: खड़लेख, हरसीला जाना पड़ता है। इसमें उनका काफी समय, पैसा बर्बाद होता है। उन्होंने सांसद से समस्या का समाधान शीघ्र करने की मांग की है। उधर सांसद अजय टम्टा ने कहा कि दोनों क्षेत्रों में बीएसएनएल के टावर लगवाने के प्रयास किए जाएंगे।
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