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जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता जरूरी
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द्वाराहाट राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लेते प्राध्यापक छात्र छात्राएं और अन्य। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पीजी कॉलेज में रसायन विज्ञान विभाग की ओर से दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हो गई है। मुख्य अतिथि कुविवि के रसायन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सीएच मथेला ने जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों और रासायनिक पदार्थों का महत्व बताया तथा इनके संरक्षण का तरीका भी बताया। जलवायु परिवर्तन को कम करने के उपाय भी बताए गए। इसके लिए जैव विविधता, औषधीय पादपों तथा पर्यावरण जागरूकता पर चिंतन करने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. अजय सिंह रावत, प्रो.ओम प्रकाश, प्रो.एके जोशी, डा. भरत जी उपाध्याय, गोष्ठी संयोजक डा. दर्शन सिंह कंबोज ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. एके जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। गोष्ठी संयोजक डा. दर्शन सिंह कंबोज ने राष्ट्रीय गोष्ठी के मुख्य शीर्षक पर प्रकाश डाला। पर्यावरण विद्, इतिहासकार पूर्व इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो.अजय सिंह रावत ने पर्यावरण प्रदूषण के पर चिंता जताई उन्होंने नदियों के संरक्षण पर के कार्यों की सराहना की। पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ विशेष प्रकार के पौधों के रोपण पर जोर दिया। प्रो.ओम प्रकाश ने उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में जैविक औषधीय पौधों पर हर्बल कीटनाशक के उपयोग की जानकारी दी.
कई शोधार्थियों ने पेश किए शोध पत्र
राष्ट्रीय संगोष्ठी में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें डॉ. ममता सुयाल, डॉ. भावना कपकोटी, सुशीला आर्या, देवेश पांडेय, रुचि जलाल, रोहित शर्मा, गुजर जोशी, प्रियंका गुप्ता, नेहा बिनवाल आदि शामिल हैं। संगोष्ठी में बेस्ट पोस्टर अवार्ड और संक्षिप्त शोध पत्र अवार्ड भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर डा. बीना मथेला, डा. मधुलिका पाठक, डा. प्रियंका, डा. ममता ,डा. संदीप पांडेय, जेपी. तिवारी, अनिल चौधरी, केपीएस अधिकारी सहित संस्था कर्मचारी आदि उपस्थित थे. संगोष्ठी का संचालन डा. निर्दोषिता बिष्ट और दिवाकर ने संयुक्त रूप से किया। संवाद
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राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. अजय सिंह रावत, प्रो.ओम प्रकाश, प्रो.एके जोशी, डा. भरत जी उपाध्याय, गोष्ठी संयोजक डा. दर्शन सिंह कंबोज ने संयुक्त रुप से किया। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. एके जोशी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। गोष्ठी संयोजक डा. दर्शन सिंह कंबोज ने राष्ट्रीय गोष्ठी के मुख्य शीर्षक पर प्रकाश डाला। पर्यावरण विद्, इतिहासकार पूर्व इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो.अजय सिंह रावत ने पर्यावरण प्रदूषण के पर चिंता जताई उन्होंने नदियों के संरक्षण पर के कार्यों की सराहना की। पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ विशेष प्रकार के पौधों के रोपण पर जोर दिया। प्रो.ओम प्रकाश ने उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में जैविक औषधीय पौधों पर हर्बल कीटनाशक के उपयोग की जानकारी दी.
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कई शोधार्थियों ने पेश किए शोध पत्र
राष्ट्रीय संगोष्ठी में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें डॉ. ममता सुयाल, डॉ. भावना कपकोटी, सुशीला आर्या, देवेश पांडेय, रुचि जलाल, रोहित शर्मा, गुजर जोशी, प्रियंका गुप्ता, नेहा बिनवाल आदि शामिल हैं। संगोष्ठी में बेस्ट पोस्टर अवार्ड और संक्षिप्त शोध पत्र अवार्ड भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर डा. बीना मथेला, डा. मधुलिका पाठक, डा. प्रियंका, डा. ममता ,डा. संदीप पांडेय, जेपी. तिवारी, अनिल चौधरी, केपीएस अधिकारी सहित संस्था कर्मचारी आदि उपस्थित थे. संगोष्ठी का संचालन डा. निर्दोषिता बिष्ट और दिवाकर ने संयुक्त रूप से किया। संवाद
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