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क्वारब-कोसी सड़क को वनभूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति
ब्यूूराे, अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Thu, 13 Aug 2015 12:48 AM IST
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शहर की सड़कों में यातायात का काफी दबाव है। नगर की सड़कों का दबाव कम करने के लिए सरकार द्वारा करीब आठ वर्ष पूर्व मंजूर क्वारब-कोसी बाइपास सड़क को वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।
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जिससे सड़क का निर्माण होने की उम्मीद जगी है। लोनिवि ने सड़क की डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया है। शासन से इस सड़क के लिए 5.25 करोड़ रुपये भी मंजूर हैं। यदि यह सड़क बन जाती है तो यातायात और पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।
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अल्मोड़ा नगर के मार्गों से होते हुए हर रोज कौसानी, गरुड़, बागेश्वर, ताकुला, बेरीनाग, पिथौरागढ़, भवाली, हल्द्वानी, नैनीताल आदि इलाकों को सैकड़ों वाहन गुजरते हैं।
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शहर की सड़कें संकरी हैं और दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नगर के मार्गों में यातायात का दबाव कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 2007 में 15 किमी लंबी क्वारब-कोसी बाइपास सड़क को स्वीकृत दी और 5.25 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं।
यदि सड़क बन जाती है तो कौसानी, गरुड़, बागेश्वर, रानीखेत आदि क्षेत्रों को जाने वाले लोगों और पर्यटकों को करीब 10 किमी कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
लोनिवि प्रांतीय खंड ने सड़क निर्माण के लिए गत वर्ष वन भूमि के प्रपत्र तैयार कर नोडल कार्यालय देहरादून को भेजे। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता चन्दन सिंह नेगी ने बताया कि क्वारब-कोसी सड़क को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।
विभाग द्वारा वन भूमि की क्षतिपूर्ति के लिए 1.16 करोड़ रुपये वन विभाग के पास जमा कराए जाने हैं। सड़क की डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही टेंडर कराए जाएंगे। वन भूमि की विधिवत स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होगा।