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केआरसी के 331 रिक्रूट बने थल सेना के अंग
Sat, 15 Dec 2018 11:56 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Published by: Almora desk
Updated Sat, 15 Dec 2018 11:56 PM IST
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शपथ ग्रहण समारोह के दौरान परेड प्रस्तुत करते जवान।
- फोटो : अमर उजाला
कदम-कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा की स्वर लहरियों के बीच देश की आन-बान और शान की कसम खाकर कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के 331 रिक्रूट विधिवत थल सेना का अंग बन गए। धर्मगुरु ने बारी-बारी से रिक्रूटों को परेड के बीच शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि ले. जनरल अमरीश कुमार (एबीएसएम, एसएम, एडीएस) और अन्य अधिकारियों ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों से हर कीमत पर देश की सीमाओं की रक्षा करने का आह्वान किया।
कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। 331 रिक्रूट परेड के अंतिम पग पार कर थल सेना का हिस्सा बन गए। सेना के धर्म गुरु नायब सूबेदार ज्ञानेंद्र पांडे ने राष्ट्रीय ध्वज और गीता को साक्षी मानकर जवानों को शपथ दिलाई। ले. जनरल अमरीश सिंह और कमांडेंट डीएसएससी वैलिंगटन ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सेना से उचित माध्यम दूसरा नहीं है। नव प्रशिक्षित जवानों ने सेना में आकर सराहनीय कार्य किया है। अब उन्हें देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए यदि सर्वोच्च बलिदान भी देना पड़े तो इससे पीछे नहीं हटना चाहिए।
कसम परेड में ये अधिकारी रहे मौजूद
रिक्रूटों के परिजनों को प्रदान किए गौरव मेडल
रानीखेत। सोमनाथ मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए रिक्रूटों के परिजन भी मौजूद थे। अपने लाल को सेना का अंग बनता देख कई परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। अधिकारियों ने जवानों के परिजनों को गौरव मेडल देकर सम्मानित भी किया।
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ये नवप्रशिक्षित रिक्रूट हुए सम्मानित
-सिपाही वेंडग कोकवा, चरन गुरंग, बाजेंग्लो केसन, इकाते चिसी, संदीप यादव, कविंद्र सिंह, ललित मोहन, सूरज सिंह, संजय सिंह, दीपक सिंह, संतोष नाथ, हिमांशु सिंह, मनीष मेहरा, अंकुश देउपा, बालम सिंह, आशीष कुमार, मनोज सिंह।
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कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। 331 रिक्रूट परेड के अंतिम पग पार कर थल सेना का हिस्सा बन गए। सेना के धर्म गुरु नायब सूबेदार ज्ञानेंद्र पांडे ने राष्ट्रीय ध्वज और गीता को साक्षी मानकर जवानों को शपथ दिलाई। ले. जनरल अमरीश सिंह और कमांडेंट डीएसएससी वैलिंगटन ने कहा कि देश की रक्षा के लिए सेना से उचित माध्यम दूसरा नहीं है। नव प्रशिक्षित जवानों ने सेना में आकर सराहनीय कार्य किया है। अब उन्हें देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए यदि सर्वोच्च बलिदान भी देना पड़े तो इससे पीछे नहीं हटना चाहिए।
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कसम परेड में ये अधिकारी रहे मौजूद
रिक्रूटों के परिजनों को प्रदान किए गौरव मेडल
रानीखेत। सोमनाथ मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए रिक्रूटों के परिजन भी मौजूद थे। अपने लाल को सेना का अंग बनता देख कई परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। अधिकारियों ने जवानों के परिजनों को गौरव मेडल देकर सम्मानित भी किया।
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ये नवप्रशिक्षित रिक्रूट हुए सम्मानित
-सिपाही वेंडग कोकवा, चरन गुरंग, बाजेंग्लो केसन, इकाते चिसी, संदीप यादव, कविंद्र सिंह, ललित मोहन, सूरज सिंह, संजय सिंह, दीपक सिंह, संतोष नाथ, हिमांशु सिंह, मनीष मेहरा, अंकुश देउपा, बालम सिंह, आशीष कुमार, मनोज सिंह।