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तीसरे दिन भी केमू की 44 बसों के थमे रहे पहिए, यात्री रहे परेशान
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अल्मोड़ा। किराया बढ़ाने की मांग राज्य सरकार से खारिज करने से नाराज कुमाऊं मोटर्स ऑनर्स यूनियन (केमू) की बसों का संचालन मंगलवार को तीसरे दिन भी ठप रहा।
जिले की विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाली केमू की करीब 44 बसों के पहिए थमे रहे। केमू की बसें न चलने से यात्रियों को भारी दिक्कतें हो रही है। खासकर जिला मुख्यालय से पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। यात्री टैक्सी, जीपों में महंगा किराया चुकाकर गए।
अल्मोड़ा के माल रोड स्थित केमू स्टेशन से जैंती, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत आदि रूटों पर करीब 44 बसों का संचालन रोजाना होता है। मंगलवार को तीसरे दिन भी केमू की हड़ताल के चलते केमू की बसें नहीं चलीं। केमू की कुछ बसें स्टेशन में ही खड़ी रहीं।
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केमू की बसें न चलने से जिला मुख्यालय से जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानियों से जूझना पड़ा। केमू स्टेशन में भी सन्नाटा रहा। केमू का संचालन न होने से गंतव्य को जाने के लिए यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे। इधर केमू चालक, परिचालक, मालिकों ने कहा कि मांग पूरी होने तक बसों का संचालन नहीं करेंगे।
रोडवेज की 14 सेवाएं हुई स्थगित
अल्मोड़ा। चालकों की कमी के चलते मंगलवार को रोडवेज की 19 में से 14 बसों का संचालन रद्द रहा। रोडवेज स्टेशन के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को रोडवेज की धरमघर, दिल्ली, टनकपुर, लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, मासी, धरमघर-दिल्ली, शाम पांच बजे देहरादून, शाम 5:30 बजे दिल्ली, सुबह देहरादून, अटपेसिया-दिल्ली समेत कुल 14 सेवाएं स्थगित हुईं। कई रूटों पर रोडवेज की बसें न चलने से यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ा।
नहीं चलीं केएमओयू और जीएमओयू की बसें
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। रामनगर से पहाड़ के लिए चलने वाली केएमओयू और जीएमओयू की बसों का संचालन मंगलवार को भी ठप रहा। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकार ने 50 प्रतिशत सवारियों को ले जाने और किराया पहले की ही तरह लेने का फरमान जारी किया है, इस कारण इन संगठनों ने वाहन चलाने में असमर्थता जताई है। इस कारण मंगलवार को भी केएमओयू और जीएमओयू की बसें नहीं चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। छोटे वाहन मिलने पर यात्री गंतव्य को निकले। कई लोगों को अपनी यात्रा स्थगित तक करनी पड़ी।
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जिले की विभिन्न रूटों पर संचालित होने वाली केमू की करीब 44 बसों के पहिए थमे रहे। केमू की बसें न चलने से यात्रियों को भारी दिक्कतें हो रही है। खासकर जिला मुख्यालय से पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। यात्री टैक्सी, जीपों में महंगा किराया चुकाकर गए।
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अल्मोड़ा के माल रोड स्थित केमू स्टेशन से जैंती, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत आदि रूटों पर करीब 44 बसों का संचालन रोजाना होता है। मंगलवार को तीसरे दिन भी केमू की हड़ताल के चलते केमू की बसें नहीं चलीं। केमू की कुछ बसें स्टेशन में ही खड़ी रहीं।
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केमू की बसें न चलने से जिला मुख्यालय से जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानियों से जूझना पड़ा। केमू स्टेशन में भी सन्नाटा रहा। केमू का संचालन न होने से गंतव्य को जाने के लिए यात्री वाहनों की तलाश में भटकते रहे। इधर केमू चालक, परिचालक, मालिकों ने कहा कि मांग पूरी होने तक बसों का संचालन नहीं करेंगे।
रोडवेज की 14 सेवाएं हुई स्थगित
अल्मोड़ा। चालकों की कमी के चलते मंगलवार को रोडवेज की 19 में से 14 बसों का संचालन रद्द रहा। रोडवेज स्टेशन के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को रोडवेज की धरमघर, दिल्ली, टनकपुर, लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, मासी, धरमघर-दिल्ली, शाम पांच बजे देहरादून, शाम 5:30 बजे दिल्ली, सुबह देहरादून, अटपेसिया-दिल्ली समेत कुल 14 सेवाएं स्थगित हुईं। कई रूटों पर रोडवेज की बसें न चलने से यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ा।
नहीं चलीं केएमओयू और जीएमओयू की बसें
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। रामनगर से पहाड़ के लिए चलने वाली केएमओयू और जीएमओयू की बसों का संचालन मंगलवार को भी ठप रहा। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सरकार ने 50 प्रतिशत सवारियों को ले जाने और किराया पहले की ही तरह लेने का फरमान जारी किया है, इस कारण इन संगठनों ने वाहन चलाने में असमर्थता जताई है। इस कारण मंगलवार को भी केएमओयू और जीएमओयू की बसें नहीं चलीं। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। छोटे वाहन मिलने पर यात्री गंतव्य को निकले। कई लोगों को अपनी यात्रा स्थगित तक करनी पड़ी।