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गोमती नदी में रिवर ट्रेनिंग की तर्ज पर खनन नहीं गौला की तर्ज पर हो खनन
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अंधेरगर्दी:बागेश्वर में सरयू नदी से इस प्रकार किया जा रहा अवैध खनन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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गरुड़ (बागेश्वर)। गरुड़ के लोगों ने गोमती से हो रहे अवैध खनन पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि गोमती से खनन गौला नदी की तर्ज पर हो। स्थानीय लोगों का तर्क है कि गौला की तर्ज पर रिवर ट्रेनिंग के माध्यम से नदी में चुगान होने से जहां राजस्व की चोरी नहीं होगी वहीं सरकार को हर साल लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। सैकड़ों स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलेगा।
लोगों का दावा है कि गोमती से रिवर ट्रेनिंग शुरू हुई तो सरकार को इससे अच्छा राजस्व मिलेगा साथ ही स्थानीय मजदूरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी चुगान होने से जहां अवैध खनन रुकेगा। वहीं, रेत और पत्थर खरीदने वालों को नाप तौल के ही यह सामान दिया जाएगा।
बेराजगार संघ के जिला उपाध्यक्ष सुनील पांडे का कहना है कि गोमती से खनन गौला की तर्ज पर होने से स्थानीय लोगों को सस्ते दाम पर रेत आदि मिल पाएगा।
वहीं, पुरुड़ा के कंचन सिंह थायत और सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर सिंह मेहरा ने कहा कि सरकार को गोमती में खनन कार्य वन निगम से कराना चाहिए। जिससे अवैध खनन पर रोक लगेगी। वहीं, तैलीहाट के दयाल सिंह काला कहते हैं कि गोमती में रिवर ट्रेनिंग से स्थानीय लोगों के साथ ही सरकार को भी फायदा मिलेगा।
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लोगों का दावा है कि गोमती से रिवर ट्रेनिंग शुरू हुई तो सरकार को इससे अच्छा राजस्व मिलेगा साथ ही स्थानीय मजदूरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी चुगान होने से जहां अवैध खनन रुकेगा। वहीं, रेत और पत्थर खरीदने वालों को नाप तौल के ही यह सामान दिया जाएगा।
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बेराजगार संघ के जिला उपाध्यक्ष सुनील पांडे का कहना है कि गोमती से खनन गौला की तर्ज पर होने से स्थानीय लोगों को सस्ते दाम पर रेत आदि मिल पाएगा।
वहीं, पुरुड़ा के कंचन सिंह थायत और सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर सिंह मेहरा ने कहा कि सरकार को गोमती में खनन कार्य वन निगम से कराना चाहिए। जिससे अवैध खनन पर रोक लगेगी। वहीं, तैलीहाट के दयाल सिंह काला कहते हैं कि गोमती में रिवर ट्रेनिंग से स्थानीय लोगों के साथ ही सरकार को भी फायदा मिलेगा।
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