{"_id":"5cd5c24fbdec2206fc125ff6","slug":"kailash-mansarovar-passenger-will-also-pass-through-this-dangerous-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैलाश मानसरोवर यात्री भी गुजरेंगे इस खतरनाक सड़क से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैलाश मानसरोवर यात्री भी गुजरेंगे इस खतरनाक सड़क से
Fri, 10 May 2019 11:56 PM IST
दीपक नेगी
धौलछीना(अल्मोड़ा)।
धौलछीना(अल्मोड़ा)।
Published by: दीपक नेगी
Updated Fri, 10 May 2019 11:56 PM IST
विज्ञापन
बदहाल बाड़ेछीना - सेराघाट मार्ग।
- फोटो : amar ujala
जून प्रथम सप्ताह में शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा का मार्ग खस्ताहाल बना हुआ है। जिला मुख्यालय से पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाले सेराघाट मोटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। दस साल पहले 2009 में इस सड़क पर डामर हुआ था, लेकिन अब सड़क की हालत इतनी बदतर है कि पर्यटक भी इस मार्ग से आने-जाने में गुरेज करने लगे हैं।
विकासखंड भैंसियाछाना के अंतर्गत बाड़ेछीना-सेराघाट तक 42 किमी सड़क खस्ताहाल है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। मालूम हो कि यह अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से प्रतिदिन, गंगोलीहाट, पातालभुवनेश्वर, बेरीनाग, चौकोड़ी, थल, डीडीहाट, मुनस्यारी, बागेश्वर, धारचूला आदि स्थानों के लिए सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील इस सड़क पर विभाग और सरकार की नजर नहीं पड़ रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद सड़क की सुरक्षा की अनदेखी के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाता है। सड़क किनारे खतरनाक मोड़ों पर न तो पैरापिट बने हैं न ही स्टील गार्डर लगाए गए हैं। 42 किमी लंबी सड़क पर मात्र दो महिला गैंग कर्मचारी तैनात हैं।
वहीं निजी टेलीफोन कंपनियों द्वारा केबल लाइन बिछाने के लिए बेतरतीब ढंग से सड़क की खुदाई कर दी गई है। जिसमें आए दिन भारी वाहन गड्ढों में फंसते रहते हैं। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि कई बार सड़क की दशा सुधारने की मांग कर चुके हैं। इससे पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विकासखंड भैंसियाछाना के अंतर्गत बाड़ेछीना-सेराघाट तक 42 किमी सड़क खस्ताहाल है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। मालूम हो कि यह अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से प्रतिदिन, गंगोलीहाट, पातालभुवनेश्वर, बेरीनाग, चौकोड़ी, थल, डीडीहाट, मुनस्यारी, बागेश्वर, धारचूला आदि स्थानों के लिए सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील इस सड़क पर विभाग और सरकार की नजर नहीं पड़ रही है। कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्वपूर्ण मार्ग होने के बावजूद सड़क की सुरक्षा की अनदेखी के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाता है। सड़क किनारे खतरनाक मोड़ों पर न तो पैरापिट बने हैं न ही स्टील गार्डर लगाए गए हैं। 42 किमी लंबी सड़क पर मात्र दो महिला गैंग कर्मचारी तैनात हैं।
विज्ञापन
वहीं निजी टेलीफोन कंपनियों द्वारा केबल लाइन बिछाने के लिए बेतरतीब ढंग से सड़क की खुदाई कर दी गई है। जिसमें आए दिन भारी वाहन गड्ढों में फंसते रहते हैं। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि कई बार सड़क की दशा सुधारने की मांग कर चुके हैं। इससे पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है।
विज्ञापन