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शांति अभियानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा इंडो-अमेरिका युद्धाभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:01 PM IST
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युद्धाभ्यास के समापन पर खुशी का इजहार करते सैनिक।
- फोटो : अमर उजाला
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आतंकवाद और विद्रोह की चुनौती से निपटने के लिए भारत और अमेरिकी सेना का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास संपन्न हो गया है। दोनों देशों के सैनिकों ने चौबटिया के गरुड़ा मैदान में भव्य परेड का आयोजन किया।
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परेड की सलामी लेते हुए दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के बैनर तले संयुक्त अभियानों में यह युद्धाभ्यास मील का पत्थर साबित होगा।
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मालूम हो कि इस बार डिवीजन स्तर पर यह अभ्यास किया गया था। दो सप्ताह तक दोनों देशों के सैन्य विशेषज्ञों ने आतंकियों के खिलाफ मुहिम चलाने के गुर सीखे। इंडो-अमेरिकी सैनिकों का यह 14वां संयुक्त युद्धाभ्यास था।
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अमेरिकी सेना का नेतृत्व मेजर जनरल विलियम ग्राहम और भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व मेजर जनरल कवींद्र सिंह ने किया। दो सप्ताह तक दोनों देशों के सैनिकों ने सात हजार फुट की ऊंचाई पर घने जंगलों में आतंकवाद विरोधी आपरेशन रेड, कार्डन और खोज, वाहन चेक पोस्ट और सर्च एंड डिस्ट्राय का अभ्यास किया। चौबटिया में आयोजित इस युद्धाभ्यास में 15 गढ़वाल राइफल्स, 14 डोगरा रेजीमेंट और 13 सिख रेजीमेंट ने भी सहयोग किया। भारतीय सेना की 15 गढ़वाल राइफल्स और अमेरिका की 1:2 इंफेंट्री रेजीमेंट ने फील्ड ट्रेनिंग और गरुड़ डिवीजन और अमेरिकी सेना की सातवीं इंफेंट्री डिवीजन ने कमांड पोस्ट अभ्यास में भाग लिया।