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Almora News: आईएमपीसीएल अब निजी हाथों में, स्काई मैप ने संभाला कंपनी का कार्यभार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 09:44 PM IST
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IMPCL now in private hands, Sky Map takes over the company
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। देश की एकमात्र सरकारी आयुर्वेदिक एवं यूनानी दवा निर्माता कंपनी इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) अब पूरी तरह निजी हाथों में चली गई है। बीते शुक्रवार देर रात तक सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कंपनी का संचालन स्काई मैप प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया गया। इसके साथ ही आईएमपीसीएल का पूर्व निदेशक मंडल (बोर्ड) भंग हो गया और नए प्रबंधन ने कंपनी का कार्यभार संभाल लिया है।
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नई कंपनी के प्रतिनिधि एवं दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय के अधिकारी संजय गुप्ता सोमवार को यूनियन पदाधिकारियों के साथ पहली औपचारिक बैठक करेंगे। इसके लिए संगठन के प्रतिनिधियों को दिल्ली स्थित कॉरपोरेट कार्यालय में आमंत्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि बैठक में कर्मचारी हितों, भविष्य की कार्ययोजना और कंपनी के संचालन को लेकर चर्चा होगी। नए प्रबंधन ने यूनियन के साथ मिलकर काम करने का आश्वासन भी दिया है जिससे कर्मचारियों और क्षेत्रीय लोगों में कुछ सकारात्मक निर्णयों की उम्मीद जगी है।
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500 से अधिक कर्मचारियों को भविष्य की चिंता

आईएमपीसीएल की स्थापना वर्ष 1978 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में हुई थी। यह कंपनी लगातार मुनाफे में रहने के बावजूद निजीकरण की प्रक्रिया के तहत बेच दी गई। कंपनी में कार्यरत लगभग 500 से अधिक कर्मचारियों को भविष्य तथा रोजगार को लेकर अब भी चिंता बनी हुई है।
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पहली बैठक में बेहतर होने की उम्मीद

कंपनी को निजीकरण से बचाने के लिए चल रही कानूनी लड़ाई को भी झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मामले से जुड़े पूर्व आदेश नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से पारित किए जा चुके हैं इसलिए इस प्रकरण की सुनवाई का उपयुक्त न्यायिक क्षेत्राधिकार नैनीताल हाईकोर्ट ही है। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता दिल्ली हाईकोर्ट में राहत नहीं ले सकते और उन्हें नैनीताल हाईकोर्ट का ही रुख करना होगा। हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही कंपनी का पूरा नियंत्रण स्काई मैप प्रबंधन के पास चला गया। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली यूनियन और नए प्रबंधन के बीच पहली बैठक पर टिकी हैं जिससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्थिति कुछ स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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