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कोरोना की दूसरी लहर में होटल,रेस्टोरेंट कारोबार में 80 फीसदी गिरा
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अल्मोड़ा। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर जहां लोगों पर कहर बरपा रही है वहीं होटल और रेस्टोरेंट कारोबार में मंदी आई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बिजली, पानी का बिल, कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करना मुश्किल पड़ रहा है। होटल, रेस्टोरेंट में काम करने वाले श्रमिक भी समय पर वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं।
कोरोना ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर मंदी का ग्रहण लगा दिया है। होटल और रेस्टोरेंट व्यापारियों की मानें तो कारोबार में करीब 80 फीसदी की गिरावट आई है। कोरोना से पहले प्रतिदिन करीब तीन-चार हजार रुपये कमाई हो जाती थी। अब होटल, रेस्टोरेंट का किराया ही नहीं निकल पा रहा है।
बिजली, पानी के बिलों का भुगतान करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो रहा है। जब से दो बजे होटल, रेस्टोरेंट बंद हो रहा है तब से तो कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है।
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इन दिनों दो बजे तक ही रेस्टोरेंट खुल रहे हैं जिससे आमदनी में गिरावट आई है। सुबह के समय ग्राहक कम ही आते हैं। दोपहर और रात्रि में अधिकतर लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट का किराया, बिजली, पानी का बिल चुकाना मुश्किल हो रहा है।
पूरन चंद्र कांडपाल, अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट अल्मोड़ा
पहले कारोबार अच्छा चल रहा था। जब से कोरोना का कहर बरपा है कारोबार में भी गिरावट है। इन दिनों दो बजे तक ही होटल खोलने के नियमों के चलते धंधा मंदा हो गया है। होटल का किराया ही नहीं निकल पा रहा है। सरकार को होटल, रेस्टोरेंट संचालकों की सहायता के लिए योजना लागू करनी चाहिए।
विपिन मिश्रा, अपनी रसोई माल रोड अल्मोड़ा
कोरोना से पहले प्रतिदिन तीन-चार हजार रुपये औसतन कमाई हो जाती थी। अब होटल में काम करने वाले श्रमिकों की दिहाड़ी निकालनी ही मुश्किल हो रही है। उस पर ऊपर से होटल का किराया चुकाना है। इन हालात में फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है।
मनोज सिंह मेहरा, बॉबी होटल अल्मोड़ा
कोरोना की दूसरी लहर में कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का वेतन निकालने के साथ ही बिजली, पानी का बिल चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।
ऐसे में आगे क्या होगा समझ नहीं आ रहा है। हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। तारा भंडारी, हिमालया रेस्टोरेंट अल्मोड़ा
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कोरोना ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर मंदी का ग्रहण लगा दिया है। होटल और रेस्टोरेंट व्यापारियों की मानें तो कारोबार में करीब 80 फीसदी की गिरावट आई है। कोरोना से पहले प्रतिदिन करीब तीन-चार हजार रुपये कमाई हो जाती थी। अब होटल, रेस्टोरेंट का किराया ही नहीं निकल पा रहा है।
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बिजली, पानी के बिलों का भुगतान करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन निकालना मुश्किल हो रहा है। जब से दो बजे होटल, रेस्टोरेंट बंद हो रहा है तब से तो कारोबार पूरी तरह चौपट हो गया है।
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इन दिनों दो बजे तक ही रेस्टोरेंट खुल रहे हैं जिससे आमदनी में गिरावट आई है। सुबह के समय ग्राहक कम ही आते हैं। दोपहर और रात्रि में अधिकतर लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट का किराया, बिजली, पानी का बिल चुकाना मुश्किल हो रहा है।
पूरन चंद्र कांडपाल, अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट अल्मोड़ा
पहले कारोबार अच्छा चल रहा था। जब से कोरोना का कहर बरपा है कारोबार में भी गिरावट है। इन दिनों दो बजे तक ही होटल खोलने के नियमों के चलते धंधा मंदा हो गया है। होटल का किराया ही नहीं निकल पा रहा है। सरकार को होटल, रेस्टोरेंट संचालकों की सहायता के लिए योजना लागू करनी चाहिए।
विपिन मिश्रा, अपनी रसोई माल रोड अल्मोड़ा
कोरोना से पहले प्रतिदिन तीन-चार हजार रुपये औसतन कमाई हो जाती थी। अब होटल में काम करने वाले श्रमिकों की दिहाड़ी निकालनी ही मुश्किल हो रही है। उस पर ऊपर से होटल का किराया चुकाना है। इन हालात में फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है।
मनोज सिंह मेहरा, बॉबी होटल अल्मोड़ा
कोरोना की दूसरी लहर में कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों का वेतन निकालने के साथ ही बिजली, पानी का बिल चुकाना भी मुश्किल हो रहा है।
ऐसे में आगे क्या होगा समझ नहीं आ रहा है। हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। तारा भंडारी, हिमालया रेस्टोरेंट अल्मोड़ा