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मौसम बदलने से वायरल बुखार की चपेट में आ रहे बच्चे
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अल्मोड़ा। मौसमी में बदलाव होने से वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ने लगा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 40 मरीज वायरल बुखार से संक्रमित पहुंच रहे हैं इनमें ज्यादातर छोटे बच्चे हैं।
पिछले कुछ दिन अल्मोड़ा में तापमान बढ़कर 34 डिग्री तक पहुंच गया था। इसके बाद दो दिन पहले हुई बारिश से तापमान गिरकर 24 डिग्री पहुंच गया। मौसम में इस तरह से कभी ठंड और कभी गर्मी के कारण लोग वायरल बुखार से संक्रमित हो रहे हैं। वायरल बुखार से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर हो जाती है। डॉक्टरों के अनुसार वायरल बुखार वायु जनित बीमारी है। यह दूषित पानी के फैलाव से भी हो सकती है। इसे पानी से होने वाला संक्रमण भी कहा जाता है।
लक्षण
- बच्चों के स्वभाव में चिडचिड़ापन आना
- शरीर में सुस्ती रहना
- शरीर का तापमान बढ़ना
- बच्चों का अधिक रोना
- लगातार उल्टी होना
- आंखों का लाल रहना
- भूख न लगना
कारण
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना
- पौष्टिक आहार का न मिलना
- भोजन में प्रोटीन और बिटामिन की कमी
बचाव के उपाय
- संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर न होने दें
मौसम में बदलाव से वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में अधिक आते हैं लेकिन अभी छोटे बच्चे इससे अधिक संक्रमित हो रहे हैं। बचाव के लिए अपने खान-पान का ध्यान रखने के साथ ही ठंड से बचाव करना चाहिए। संक्रमित होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
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- डॉ. मनीष पंत, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
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पिछले कुछ दिन अल्मोड़ा में तापमान बढ़कर 34 डिग्री तक पहुंच गया था। इसके बाद दो दिन पहले हुई बारिश से तापमान गिरकर 24 डिग्री पहुंच गया। मौसम में इस तरह से कभी ठंड और कभी गर्मी के कारण लोग वायरल बुखार से संक्रमित हो रहे हैं। वायरल बुखार से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर हो जाती है। डॉक्टरों के अनुसार वायरल बुखार वायु जनित बीमारी है। यह दूषित पानी के फैलाव से भी हो सकती है। इसे पानी से होने वाला संक्रमण भी कहा जाता है।
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लक्षण
- बच्चों के स्वभाव में चिडचिड़ापन आना
- शरीर में सुस्ती रहना
- शरीर का तापमान बढ़ना
- बच्चों का अधिक रोना
- लगातार उल्टी होना
- आंखों का लाल रहना
- भूख न लगना
कारण
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना
- पौष्टिक आहार का न मिलना
- भोजन में प्रोटीन और बिटामिन की कमी
बचाव के उपाय
- संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर न होने दें
मौसम में बदलाव से वायरल बुखार का संक्रमण बढ़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में अधिक आते हैं लेकिन अभी छोटे बच्चे इससे अधिक संक्रमित हो रहे हैं। बचाव के लिए अपने खान-पान का ध्यान रखने के साथ ही ठंड से बचाव करना चाहिए। संक्रमित होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
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- डॉ. मनीष पंत, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल अल्मोड़ा।