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बढ़ रहा है बंदरों का आतंक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:03 AM IST
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अल्मोड़ा। नगर के विभिन्न मोहल्लों और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बंदर घरों में घुसकर खाने का सामान उठाने के साथ ही सब्जी आदि की उपज को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के कारण कई लोगों ने सब्जी आदि उगाना ही बंद कर दिया है। यही नहीं रास्तों और गलियों में घूमने वाले यह बंदर कई बार बच्चों को भी काट लेते हैं। कुछ माह पहले वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने के लिए एक टीम भी लगाई। काफी संख्या में बंदर पकड़कर बाहर भेजे गए, लेकिन इससे भी खास फायदा नहीं मिला है।
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नगर के रानीधारा, पोखरखाली, ढूंगाधारा, चीनाखान, धारानौला, राजपुरा, खत्याड़ी, सरकार की आली, नृसिंहबाड़ी आदि मोहल्लों में बंदरों का जबरदस्त आतंक बना हुआ है। बंदर लोगों के घरों में घुसकर खाने का सामान उठा ले जाने के साथ ही छतों में सुखाने के लिए डाले गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। घरों के निकट स्थित खेतों से भी बंदर फल, सब्जी आदि उपज को खा जाते हैं।
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ग्रामीण इलाकों में भी बंदर लोगों की खेती को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे काश्तकार परेशान हैं। कई बार तो बंदर बच्चों को काटकर घायल कर देते हैं। बंदरों के आतंक के कारण कई मोहल्लों में बच्चों का अकेले स्कूल जाना मुश्किल हो रहा है। बीते दिनों वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने का अभियान भी चलाया लेकिन इससे भी खास फायदा नहीं मिल सका है। लोगों ने पालिका परिषद और वन विभाग से बंदरों से निजात पाने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग की है।
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