डीएम से वार्ता में ग्राम प्रधान बिफरे, गांधी पार्क में की नारेबाजी
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पांच हजार रुपये मानदेय देने समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलित ग्राम प्रधानों का शिष्टमंडल मंगलवार को जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव से मिलने पहुंचा। प्रधानों ने 15 सितंबर को जिला मुख्यालय और विकास भवन स्थित कार्यालयों में तालाबंदी करने की चेतावनी दी, लेकिन डीएम के तालाबंदी नहीं करने की बात कहने से प्रधान भड़क उठे। लौटकर प्रधानों ने गांधी पार्क नारेबाजी कर आक्रोश जताया। मौके पर एसडीएम और पुलिस बल भी पहुंचा। एसडीएम विवेक राय ने प्रधानों को समझाया। इसके बाद पुन: प्रधानों की डीएम आवास में वार्ता हुई, लेकिन प्रधान 15 को तालाबंदी पर अड़े रहे।
मालूम हो कि प्रधानों ने ब्लॉक मुख्यालयों में तालाबंदी कर रखी है। प्रधानों का शिष्टमंडल अपराह्न जिलाधिकारी से वार्ता करने पहुंचा। प्रधानों ने कहा कि उनकी मांगों के प्रति शासन-प्रशासन उदासीन बना हुआ है। प्रधानों ने 15 सितंबर को विकास भवन स्थित कार्यालयों के साथ ही जिला मुख्यालय में तालाबंदी की धमकी दी। प्रधानों का आरोप है कि तालाबंदी की बात करने पर डीएम बिफर गईं। नाराज प्रधान वापस चौघानपाटा गांधी पार्क लौट आए और उन्होंने नारेबाजी कर डीएम के प्रति नाराजगी जताई।
गांधी पार्क में पुलिस बल पहुंचा और एसडीएम को सूचित किया। एसडीएम सदर विवेक राय ने गांधी पार्क पहुंचकर प्रधानों को समझाया और देर सायं प्रधानों की दोबारा जिलाधिकारी से उनके आवास पर वार्ता हुई। इसके बाद मामला शांत हो गया। प्रदर्शन और डीएम से मिलने वालों में खत्याड़ी के प्रधान हरीश कनवाल, प्रधान संगठन के प्रदेश संगठन मंत्री देवेंद्र नयाल, सरसों के प्रधान नवीन सिंह बिष्ट, बिमौला के हरीश चंद्र जोशी, बल्टा के अर्जुन मेहता, संगठन महामंत्री ललित चंद्र पंत, तलाड़ के प्रधान विनोद संह कनवाल, सैनार की प्रधान दीपा बिष्ट, पांडेखोला की दीपा देवी, सिराड़ के संजय कुमार, भैंसियाछाना के ब्लाक अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे आदि शामिल थे।