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कोराना खौफ के बीच शुरू हुए शारदीय नवरात्र, दर्शनों को मंदिरों में रही कतार
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अल्मोड़ा/बागेश्वर। नवरात्र के पहले दिन नगर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने व्रत रखा और मंदिरों में पूजा कर माता को चुनरी चढ़ाई। वहीं, नगर के कई स्थानों में बने दुर्गा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुर्गा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है।
अल्मोड़ा के नंदादेवी मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी, उल्का देवी मंदिर, बानड़ी देवी मंदिर के अलावा चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर, रघुनाथ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। चौघानपाटा, जाखनदेवी, पातालदेवी, लाला बाजार, राजपुरा, गंगोला मोहल्ला, ढूंगाधारा, धारानौला, ऑफीसर कालोनी, खत्याड़ी, लक्ष्मेश्वर आदि में दुर्गा महोत्सव शुरू हो गए हैं। चौघानपाटा स्थित कैप्टन सतीश चंद्र जोशी पार्क में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति की ओर से रामलीला मैदान ढूंगाधारा में दुर्गा महोत्सव शुरू हो गया है। कमल कुमार बिष्ट, मंजू बिष्ट, वंदना भंडारी, भुवन त्रिपाठी ने पूजा की। वहां पर समिति महासचिव मंजू बिष्ट, अध्यक्ष रंजना भंडारी, उपसचिव अनीता नेगी, अवनि बिष्ट, ज्योत्सना त्रिपाठी, निधि जोशी, आकांक्षा बिष्ट आदि थीं। इधर खूंटकुनी भैरव मंदिर में भी ढोल दमाऊं के साथ कलश यात्रा निकाली गई। इधर, बागेश्वर के नुमाइशखेत मैदान में नौ दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर यात्रा में शामिल हुई। माता के जयकारों के साथ यात्रा बाजार भ्रमण करते हुए सरयू तट पर गई। महिलाओं ने कलश में सरयू का पावन जल भरकर बाबा बागनाथ का जलाभिषेक किया। दुर्गा पूजा पंडाल में पंडित धर्मानंद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। यजमान मनोज और पूनम कर्म्याल ने मां दुर्गा की अर्चना की। वहां पर कमेटी के अध्यक्ष बृज किशोर वर्मा, गीता उपाध्याय, जीवंती कांडपाल, दुर्गा बनकोटी, कमला भैसोड़ा, दया जोशी, गोविंद साह जगाती, हेम पंत आदि थे। इधर, आशीर्वाद भवन में आयोजित देवी पूजा महोत्सव का शुभारंभ आचार्य सीताबर जोशी, भाष्कर कांडपाल और रमेश कांडपाल ने पंडाल में स्थापित भगवान गणेश, मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर किया। वहां पर राजेंद्र उपाध्याय, प्रशांत मलड़ा, सूरज जोशी, मनोज जोशी, हेम कांडपाल, जीवन तिवारी, रवि परिहार, रोहित पंत, पुष्कर साह आदि थे।
चितई में बलि को लाए तीन बकरे लौटाए
अल्मोड़ा। गायत्री परिवार अल्मोड़ा के सदस्यों ने चितई स्थित प्रसिद्ध गोलू देवता मंदिर में पशुबलि के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया। इस दौरान मल्ला गैराड़ से एक परिवार पशुबलि के लिए तीन बकरों को लेकर मंदिर पहुंचा था। गायत्री परिजनों के समझाने पर यह परिवार बलि के बकरों को वापस ले गया। वहां पर मुन्नी बिष्ट, मंजू जोशी, ऊषा जोशी, सरोज मेलकानी, निर्मला अधिकारी, अर्जुन नेगी, भीम सिंह अधिकारी थे।
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अल्मोड़ा के नंदादेवी मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी, उल्का देवी मंदिर, बानड़ी देवी मंदिर के अलावा चितई स्थित ग्वल देवता मंदिर, रघुनाथ मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू हो गया था। चौघानपाटा, जाखनदेवी, पातालदेवी, लाला बाजार, राजपुरा, गंगोला मोहल्ला, ढूंगाधारा, धारानौला, ऑफीसर कालोनी, खत्याड़ी, लक्ष्मेश्वर आदि में दुर्गा महोत्सव शुरू हो गए हैं। चौघानपाटा स्थित कैप्टन सतीश चंद्र जोशी पार्क में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति की ओर से रामलीला मैदान ढूंगाधारा में दुर्गा महोत्सव शुरू हो गया है। कमल कुमार बिष्ट, मंजू बिष्ट, वंदना भंडारी, भुवन त्रिपाठी ने पूजा की। वहां पर समिति महासचिव मंजू बिष्ट, अध्यक्ष रंजना भंडारी, उपसचिव अनीता नेगी, अवनि बिष्ट, ज्योत्सना त्रिपाठी, निधि जोशी, आकांक्षा बिष्ट आदि थीं। इधर खूंटकुनी भैरव मंदिर में भी ढोल दमाऊं के साथ कलश यात्रा निकाली गई। इधर, बागेश्वर के नुमाइशखेत मैदान में नौ दिन तक चलने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर यात्रा में शामिल हुई। माता के जयकारों के साथ यात्रा बाजार भ्रमण करते हुए सरयू तट पर गई। महिलाओं ने कलश में सरयू का पावन जल भरकर बाबा बागनाथ का जलाभिषेक किया। दुर्गा पूजा पंडाल में पंडित धर्मानंद शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। यजमान मनोज और पूनम कर्म्याल ने मां दुर्गा की अर्चना की। वहां पर कमेटी के अध्यक्ष बृज किशोर वर्मा, गीता उपाध्याय, जीवंती कांडपाल, दुर्गा बनकोटी, कमला भैसोड़ा, दया जोशी, गोविंद साह जगाती, हेम पंत आदि थे। इधर, आशीर्वाद भवन में आयोजित देवी पूजा महोत्सव का शुभारंभ आचार्य सीताबर जोशी, भाष्कर कांडपाल और रमेश कांडपाल ने पंडाल में स्थापित भगवान गणेश, मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कर किया। वहां पर राजेंद्र उपाध्याय, प्रशांत मलड़ा, सूरज जोशी, मनोज जोशी, हेम कांडपाल, जीवन तिवारी, रवि परिहार, रोहित पंत, पुष्कर साह आदि थे।
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चितई में बलि को लाए तीन बकरे लौटाए
अल्मोड़ा। गायत्री परिवार अल्मोड़ा के सदस्यों ने चितई स्थित प्रसिद्ध गोलू देवता मंदिर में पशुबलि के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया। इस दौरान मल्ला गैराड़ से एक परिवार पशुबलि के लिए तीन बकरों को लेकर मंदिर पहुंचा था। गायत्री परिजनों के समझाने पर यह परिवार बलि के बकरों को वापस ले गया। वहां पर मुन्नी बिष्ट, मंजू जोशी, ऊषा जोशी, सरोज मेलकानी, निर्मला अधिकारी, अर्जुन नेगी, भीम सिंह अधिकारी थे।
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