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जलते चीड़ के पेड़ों ने रानीखेत-हल्द्वानी हाईवे पर बढ़ाई मुसीबत
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रानीखेत हाईवे पर इस तरह से खतरा बने हैं जलते चीड़ के पेड़। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। जंगलों में लग रही बेतहाशा आग के कारण जहां बहुमूल्य जड़ी बूटियां राख हो रही हैं, वहीं चीड़ के भारी भरकम पेड़ भी जलकर खोखले हो गए हैं। रानीखेत-हल्द्वानी स्टेट हाईवे पर सैकड़ों चीड़ के पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं। सड़क के ठीक ऊपर स्थित इन पेड़ों के किसी भी वक्त गिरकर बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से तत्काल इन पेड़ों का हल करने की मांग की है।
रानीखेत के जंगलों में बेतहाशा आग लगी हुई है। आग ने चीड़ के पेड़ों को भी खोखला कर दिया है। पूरे जंगल जलकर राख हो चुके हैं। इन जंगलों से नीचे हाईवे है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों की आवाजाही रहती है। आग के कारण चीड़ के भारी भरकम पेड़ पूरी तरह से खोखले हो चुके हैं, इनके किसी भी वक्त गिरने की आशंका बनी हुई है। एनसीसी खेल मैदान के पास कैंट का जंगल पूरी तरह से जल चुका है। यहां कई पेड़ हाईवे के लिए खतरा बने हुए हैं।
-लोनिवि वन विभाग को खतरनाक पेड़ों का मूल्यांकन कर सूचना देगा। इसके बाद हाईवे पर खतरा बने पेड़ों का छपान वन विभाग करेगा और इनके निस्तारण का जिम्मा वन निगम का होगा। -हरीश टम्टा, रेंजर, रानीखेत।
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रानीखेत के जंगलों में बेतहाशा आग लगी हुई है। आग ने चीड़ के पेड़ों को भी खोखला कर दिया है। पूरे जंगल जलकर राख हो चुके हैं। इन जंगलों से नीचे हाईवे है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों की आवाजाही रहती है। आग के कारण चीड़ के भारी भरकम पेड़ पूरी तरह से खोखले हो चुके हैं, इनके किसी भी वक्त गिरने की आशंका बनी हुई है। एनसीसी खेल मैदान के पास कैंट का जंगल पूरी तरह से जल चुका है। यहां कई पेड़ हाईवे के लिए खतरा बने हुए हैं।
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-लोनिवि वन विभाग को खतरनाक पेड़ों का मूल्यांकन कर सूचना देगा। इसके बाद हाईवे पर खतरा बने पेड़ों का छपान वन विभाग करेगा और इनके निस्तारण का जिम्मा वन निगम का होगा। -हरीश टम्टा, रेंजर, रानीखेत।
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