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Almora News: अल्मोड़ा में फर्जी दस्तावेज लगाकर सहायक अध्यापक बने तीन शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज
Sun, 01 Nov 2026 12:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:11 AM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) के जाली दस्तावेज तैयार कर शिक्षा महकमे को गुमराह करने और सरकारी सेवा हथियाने के संगीन मामले में तीन शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला शिक्षा विभाग की ओर से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर स्थानीय कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में तैनात इन शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जब विभागीय स्तर पर जांच की गई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में धांधली की पुष्टि होने के बाद विभाग इन्हें पूर्व में ही सेवा से निष्कासित कर चुका है। शिक्षा विभाग ने जब नवनियुक्त शिक्षकों के यूटीईटी-1 (2024) के प्रमाणपत्रों का उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से आधिकारिक सत्यापन कराया तो चौंकाने वाले तथ्य मिले। परिषद की मुख्य रिकॉर्ड बुक में इन शिक्षकों के न तो रोल नंबर मिले और न ही इनके नाम दर्ज थे। यहां तक कि आरोपियों द्वारा जमा किए गए सर्टिफिकेट्स पर छपे क्यूआर कोड भी पूरी तरह फर्जी और एडिटेड पाए गए। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि कोतवाली में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीओ बलवंत सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग की तहरीर पर फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण की पुलिस द्वारा हर स्तर पर गहन विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ न्यायालय में सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट (आरोप पत्र) अमल में लाई जाएगी।
कब और कहां हुई थी नियुक्तियां
यह पूरा मामला नवंबर 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (प्रारंभिक) द्वारा निकाली गई सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़ा है जिसके बाद जनवरी में इनकी ज्वाइनिंग हुई थी।
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भूपेंद्र कुमार (निवासी खड़की, पिथौरागढ़) – राप्रावि कुनखेत नवीन
अंजना ग्वासीकोटी (निवासी तल्ला पानी, पिथौरागढ़) – राप्रावि बौड़ा
प्रियांशु चंद्र (निवासी कुमाऊं कालोनी दमुवाढूंगा) – राप्रावि बूढ़ाधार
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अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में तैनात इन शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जब विभागीय स्तर पर जांच की गई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में धांधली की पुष्टि होने के बाद विभाग इन्हें पूर्व में ही सेवा से निष्कासित कर चुका है। शिक्षा विभाग ने जब नवनियुक्त शिक्षकों के यूटीईटी-1 (2024) के प्रमाणपत्रों का उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से आधिकारिक सत्यापन कराया तो चौंकाने वाले तथ्य मिले। परिषद की मुख्य रिकॉर्ड बुक में इन शिक्षकों के न तो रोल नंबर मिले और न ही इनके नाम दर्ज थे। यहां तक कि आरोपियों द्वारा जमा किए गए सर्टिफिकेट्स पर छपे क्यूआर कोड भी पूरी तरह फर्जी और एडिटेड पाए गए। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि कोतवाली में तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीओ बलवंत सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग की तहरीर पर फर्जी यूटीईटी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे प्रकरण की पुलिस द्वारा हर स्तर पर गहन विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों के दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ न्यायालय में सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए चार्जशीट (आरोप पत्र) अमल में लाई जाएगी।
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कब और कहां हुई थी नियुक्तियां
यह पूरा मामला नवंबर 2025 में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय (प्रारंभिक) द्वारा निकाली गई सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़ा है जिसके बाद जनवरी में इनकी ज्वाइनिंग हुई थी।
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भूपेंद्र कुमार (निवासी खड़की, पिथौरागढ़) – राप्रावि कुनखेत नवीन
अंजना ग्वासीकोटी (निवासी तल्ला पानी, पिथौरागढ़) – राप्रावि बौड़ा
प्रियांशु चंद्र (निवासी कुमाऊं कालोनी दमुवाढूंगा) – राप्रावि बूढ़ाधार