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पिता ने दिवंगत एथलीट पुत्र को समर्पित की पुस्तक
Mon, 06 May 2019 12:20 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 06 May 2019 12:20 AM IST
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चौखुटिया में म्यर चौखुटी, म्यर पहाड़ पुस्तक का विमोचन करते अतिथिगण तथा लेखक आदि।
- फोटो : AMAR UJALA
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क्षेत्र के एथलीट कोच स्व. भूपेंद्र सिंह बिष्ट (पप्पू दा) को समर्पित उनके पिता इतिहासकार नंदनसिंह बिष्ट द्वारा लिखित पुस्तक ‘म्यर चौखुटी, म्यर पहाड’ के विमोचन के मौके पर अगनेरी मंदिर स्थित सभागार में एकत्रित लोगों ने खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में दिए गए सहयोग के लिए भूपेंद्र को याद किया। वक्ताओं ने पुत्र वियोग में डूबे होने के बावजूद उनके पिता द्वारा पुस्तक लिखने की हिम्मत जुटाने की भी प्रशंसा की। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को उकेरते हुए लिखि गई इस पुस्तक से आने वाली पीढ़ी को लाभ होगा।
म्यर चौखुटी, म्यार पहाड़ (मेरा चौखुटिया, मेरा पहाड़) के विमोचन के मौके पर पहुंचे क्षेत्र के तमाम लोगों ने लेखक इतिहासकार नंदन सिंह बिष्ट के प्रयास की प्रशंसा की। बिष्ट ने इस पुस्तक को गत वर्ष बाइक दुर्घटना का शिकार हुए अपने दिवंगत पुत्र एथलीट कोच भूपेंद्र सिंह बिष्ट को समर्पित किया।
इस मौके पर लेखक बिष्ट ने चौखुटिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए किताब लिखने के उद्देश्य, महत्व और उसके माध्यम से दी गई जानकारियों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान पुत्र वियोग में डूबे बिष्ट की आंखें भी छलक आईं।
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कार्यक्रम को मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. प्रभाकर त्यागी, ब्लॉक प्रमुख बिशन राम, थानाध्यक्ष रमेश बोहरा, डॉ. कुलदीप बिष्ट, डॉ. उमराव सिंह रावत, दीवान सिंह बिष्ट, रणजीत सिंह मेहरा, शेरसिंह नेगी, दरबान बिष्ट आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता शेरसिंह नेगी ने और संचालन जीवन नेगी, हेम कांडपाल और सुरेंद्र मनराल ने किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख मीना कांडपाल, बीरेंद्र बिष्ट, एलडी मठपाल, डॉ. मदन चौधरी, पुष्कर कांडपाल, गणेश सांणी, गजेंद्र नेगी, गणेश नायक, मीना शर्मा, सावित्री कठायत, विनायक तिवारी, ललित टढियाल, बलवंत नेगी, माधोसिंह, केएस रावत, आनंद नाथ, दानसिंह रौतांण, खुशाल बिष्ट, गोविंद सिंह, पदम सिंह, नंदन सिंह रावत, नृपेंद्र जोशी सहित कई लोग मौजूद थे।
पुस्तक में झलकी पलायन की पीड़ा
चौखुटिया (अल्मोड़ा) ‘म्यर चौखुटी ,म्यर पहाड़’ पुस्तक में पलायन की पीड़ा से दुखी लेखक की चिंता की झलक दिख रही है। पुस्तक में चौखुटिया का नामकरण, चैत्राष्टमी मेले का आयोजन, झाली माली मंदिर, बाइस ओखलियां, पाली का ऐतिहासिक महत्व, धार्मिक यात्रा का पड़ाव, छात्रों को सीख के साथ ही दिवंगत भूपेंद्र बिष्ट से जुड़े संस्मरण और वृतांत सहित कई जानकारियों दी हैं।
व्यक्तित्व विकास पाठशाला का हुआ शुभारंभ
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पुस्तक विमोचन के मौके पर व्यक्तित्व विकास पाठशाला के द्वितीय वर्ष का शुभारंभ भी किया गया। पाठशाला गत वर्ष से निर्धन मेधावी छात्रों के लिए निशुल्क रूप से चलाई जाती है। इस मौके पर संयोजक डॉ.कुलदीप बिष्ट, डॉ. श्यामाचरण गंगवार, देव आर्या, डॉ. लता बिष्ट, हेम छुपका, बबीता बिष्ट, हेमलता नेगी, अजय गोस्वामी, कविता गयाल, जीवन नेगी, सुरेद्र मनराल, ललित बिष्ट, खुशाल सिंह, गोविंद सिंह, रवि शंकर कलौनी, आनंद मनराल, केएस रावत, बालम किरौला व दरबान सिंह आदि मौजूद थे।
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म्यर चौखुटी, म्यार पहाड़ (मेरा चौखुटिया, मेरा पहाड़) के विमोचन के मौके पर पहुंचे क्षेत्र के तमाम लोगों ने लेखक इतिहासकार नंदन सिंह बिष्ट के प्रयास की प्रशंसा की। बिष्ट ने इस पुस्तक को गत वर्ष बाइक दुर्घटना का शिकार हुए अपने दिवंगत पुत्र एथलीट कोच भूपेंद्र सिंह बिष्ट को समर्पित किया।
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इस मौके पर लेखक बिष्ट ने चौखुटिया की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए किताब लिखने के उद्देश्य, महत्व और उसके माध्यम से दी गई जानकारियों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान पुत्र वियोग में डूबे बिष्ट की आंखें भी छलक आईं।
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कार्यक्रम को मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. प्रभाकर त्यागी, ब्लॉक प्रमुख बिशन राम, थानाध्यक्ष रमेश बोहरा, डॉ. कुलदीप बिष्ट, डॉ. उमराव सिंह रावत, दीवान सिंह बिष्ट, रणजीत सिंह मेहरा, शेरसिंह नेगी, दरबान बिष्ट आदि ने संबोधित किया। अध्यक्षता शेरसिंह नेगी ने और संचालन जीवन नेगी, हेम कांडपाल और सुरेंद्र मनराल ने किया।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख मीना कांडपाल, बीरेंद्र बिष्ट, एलडी मठपाल, डॉ. मदन चौधरी, पुष्कर कांडपाल, गणेश सांणी, गजेंद्र नेगी, गणेश नायक, मीना शर्मा, सावित्री कठायत, विनायक तिवारी, ललित टढियाल, बलवंत नेगी, माधोसिंह, केएस रावत, आनंद नाथ, दानसिंह रौतांण, खुशाल बिष्ट, गोविंद सिंह, पदम सिंह, नंदन सिंह रावत, नृपेंद्र जोशी सहित कई लोग मौजूद थे।
पुस्तक में झलकी पलायन की पीड़ा
चौखुटिया (अल्मोड़ा) ‘म्यर चौखुटी ,म्यर पहाड़’ पुस्तक में पलायन की पीड़ा से दुखी लेखक की चिंता की झलक दिख रही है। पुस्तक में चौखुटिया का नामकरण, चैत्राष्टमी मेले का आयोजन, झाली माली मंदिर, बाइस ओखलियां, पाली का ऐतिहासिक महत्व, धार्मिक यात्रा का पड़ाव, छात्रों को सीख के साथ ही दिवंगत भूपेंद्र बिष्ट से जुड़े संस्मरण और वृतांत सहित कई जानकारियों दी हैं।
व्यक्तित्व विकास पाठशाला का हुआ शुभारंभ
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पुस्तक विमोचन के मौके पर व्यक्तित्व विकास पाठशाला के द्वितीय वर्ष का शुभारंभ भी किया गया। पाठशाला गत वर्ष से निर्धन मेधावी छात्रों के लिए निशुल्क रूप से चलाई जाती है। इस मौके पर संयोजक डॉ.कुलदीप बिष्ट, डॉ. श्यामाचरण गंगवार, देव आर्या, डॉ. लता बिष्ट, हेम छुपका, बबीता बिष्ट, हेमलता नेगी, अजय गोस्वामी, कविता गयाल, जीवन नेगी, सुरेद्र मनराल, ललित बिष्ट, खुशाल सिंह, गोविंद सिंह, रवि शंकर कलौनी, आनंद मनराल, केएस रावत, बालम किरौला व दरबान सिंह आदि मौजूद थे।