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42 साल से पंचायत भवन में चल रहा है धौलछीना का किसान सूचना केंद्र 16-15-46
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किराये के भवन में चल रहा है धौलछीना का किसान सूचना केंद्र
- फोटो : ALMORA
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धौलछीना (अल्मोड़ा)। किसानों के प्रति सरकार और विभाग कितना संवेदनशील है इसका अंदाजा भैसियाछाना ब्लॉक के धौलछीना स्थित किसान सूचना केंद्र और कृषि विभाग के कार्यालय से लगाया जा सकता है। विभाग का यह सूचना केंद्र लंबे समय से बंद है। 1980 में इस भवन को 75 रुपये माह किराये पर लिया गया था। आज भी यह भवन 500 रुपये किराये पर पंचायत भवन में चल रहा है। भवन में बिजली पानी की सुविधा नहीं है और यहां तक पहुंचने के लिए सड़क का भी अभाव है।
इस भवन की छत कई स्थानों पर देखरेख के अभाव में टपक रही हैं। दीवारों पर घास उग आई हैं, दरवाजे और खिड़कियां आदि भी टूट चुकी हैं। भवन की स्थापना विवेकानंद अनुसंधान केंद्र, किसान विज्ञान केंद्र हवालबाग मटेला और जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञानियों, कर्मचारियों व किसानों को ऑनलाइन तकनीक ज्ञान व सूचना दिए जाने के लिए की गई थी। भवन वर्ष 1980 में 75 रुपये के किराये में शुरू किया गया था। 42 साल बाद भी यह पंचायत भवन में किराये पर ही चल रहा है। ग्राम पंचायत ने तीन बार संबंधित विभाग को राजस्व विभाग के माध्यम से किराया बढ़ाने अथवा भवन खाली करने का नोटिस भेज दिया हैं। एक वर्ष पूर्व काश्तकारों को समूहों के माध्यम से सब्सिडी में कृषि यंत्र देने के लिए पैसा जमा करवाया गया था लेकिन आज तक कई समूह को कृषि उपकरण उपलब्ध नहीं हो पाए हैं जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। भवन में रखे उपकरण जंग खा रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य प्रशिक्षण के लिए भी यहां कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि जब तक इन जर्जर भवनों का कायाकल्प नहीं होता या नए भवन नहीं बनाए जाते और यहां अधिकारी व कर्मचारियों की तैनानी नहीं होती तब तक किसानों को इस किसान सूचना केंद्र का लाभ नहीं मिल सकता। किसानों का यह भी कहना है कि कृषि विभाग के अधिकारी अक्सर फील्ड में होने का बहाना करते हैं। किसान अपनी कृषि संबंधी समस्याएं लेकर मुख्यालय पहुंचते हैं लेकिन उन्हें अधिकारी नहीं मिलते।
वर्तमान में विभाग के पास जेई नहीं है, कृषि सूचना केंद्र की जो भी खामिया हैं उसको लेकर मरम्मत का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग में एक न्याय पंचायत प्रभारी की धौलछीना कार्यालय में जल्द तैनाती की जाएगी। किसानों को कार्यालय हर समय खुला मिलेगा। किराए पर चल रहे पंचायत भवन का किराया सरकारी दरों पर बढ़ाने की कार्रवाई चल रही है।
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- कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, विनोद कुमार शर्मा।
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इस भवन की छत कई स्थानों पर देखरेख के अभाव में टपक रही हैं। दीवारों पर घास उग आई हैं, दरवाजे और खिड़कियां आदि भी टूट चुकी हैं। भवन की स्थापना विवेकानंद अनुसंधान केंद्र, किसान विज्ञान केंद्र हवालबाग मटेला और जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञानियों, कर्मचारियों व किसानों को ऑनलाइन तकनीक ज्ञान व सूचना दिए जाने के लिए की गई थी। भवन वर्ष 1980 में 75 रुपये के किराये में शुरू किया गया था। 42 साल बाद भी यह पंचायत भवन में किराये पर ही चल रहा है। ग्राम पंचायत ने तीन बार संबंधित विभाग को राजस्व विभाग के माध्यम से किराया बढ़ाने अथवा भवन खाली करने का नोटिस भेज दिया हैं। एक वर्ष पूर्व काश्तकारों को समूहों के माध्यम से सब्सिडी में कृषि यंत्र देने के लिए पैसा जमा करवाया गया था लेकिन आज तक कई समूह को कृषि उपकरण उपलब्ध नहीं हो पाए हैं जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। भवन में रखे उपकरण जंग खा रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य प्रशिक्षण के लिए भी यहां कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि जब तक इन जर्जर भवनों का कायाकल्प नहीं होता या नए भवन नहीं बनाए जाते और यहां अधिकारी व कर्मचारियों की तैनानी नहीं होती तब तक किसानों को इस किसान सूचना केंद्र का लाभ नहीं मिल सकता। किसानों का यह भी कहना है कि कृषि विभाग के अधिकारी अक्सर फील्ड में होने का बहाना करते हैं। किसान अपनी कृषि संबंधी समस्याएं लेकर मुख्यालय पहुंचते हैं लेकिन उन्हें अधिकारी नहीं मिलते।
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वर्तमान में विभाग के पास जेई नहीं है, कृषि सूचना केंद्र की जो भी खामिया हैं उसको लेकर मरम्मत का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग में एक न्याय पंचायत प्रभारी की धौलछीना कार्यालय में जल्द तैनाती की जाएगी। किसानों को कार्यालय हर समय खुला मिलेगा। किराए पर चल रहे पंचायत भवन का किराया सरकारी दरों पर बढ़ाने की कार्रवाई चल रही है।
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- कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, विनोद कुमार शर्मा।