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Almora News: चार महीने बाद भी सीएम की घोषणा पर नहीं हुआ अमल
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अल्मोड़ा। ताकुला क्षेत्र के विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और सीएम की घोषणा के अनुरूप यहां मानकानुसार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीएम की ओर से घोषणा किए जाने के चार माह बाद भी इसे सीएचसी बनाने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। उन्होंने सीएम से पॉलिटेक्निक ताकुला में चार नए ट्रेड खोलने की मांग की।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ईश्वर सिंह के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजे ज्ञापन में स्थानीय लोगों ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की मांग पिछले दो दशक से की जा रही है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक अगस्त 2025 को इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की घोषणा की थी। पर घोषणा के चार माह बीत जाने के बाद भी धरातल पर कार्य होता नहीं दिखाई दे रहा है। पूर्व में भी यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण किए बिना ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बना दिया गया था, जिसका लोकार्पण चार अगस्त 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया।
तभी से इस भवन में पीएचसी संचालित होने के बावजूद यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिख दिया गया था। स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा किए जाने के बाद भवन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया है। इससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सीएम की घोषणा के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं उपलब्ध न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक ताकुला में चार नए ट्रेड मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस एवं आईटी, इलेक्ट्रिकल तथा होटल मैनेजमेंट खोलने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में वन पंचायत संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह पिलख्वाल, लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी, प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुनील बाराकोटी, उत्तराखंड क्रांति दल के गोकुल नगरकोटी, मल्ला स्यूनरा विकास मंच के चंदन बिष्ट, संसाधन पंचायत के किशोर तिवारी, प्रधान अरुण कुमार भोज, शीला आर्या, ज्योति डंगवाल, भावना आर्या, बालम बिष्ट, भगवत राम, सरपंच बहादुर मेहता, डूंगर सिंह, पूरन सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।
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वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ईश्वर सिंह के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजे ज्ञापन में स्थानीय लोगों ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की मांग पिछले दो दशक से की जा रही है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने एक अगस्त 2025 को इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने की घोषणा की थी। पर घोषणा के चार माह बीत जाने के बाद भी धरातल पर कार्य होता नहीं दिखाई दे रहा है। पूर्व में भी यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण किए बिना ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बना दिया गया था, जिसका लोकार्पण चार अगस्त 2010 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया।
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तभी से इस भवन में पीएचसी संचालित होने के बावजूद यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिख दिया गया था। स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा किए जाने के बाद भवन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया है। इससे जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सीएम की घोषणा के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं उपलब्ध न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक ताकुला में चार नए ट्रेड मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस एवं आईटी, इलेक्ट्रिकल तथा होटल मैनेजमेंट खोलने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में वन पंचायत संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह पिलख्वाल, लोक प्रबंध विकास संस्था के ईश्वर जोशी, प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुनील बाराकोटी, उत्तराखंड क्रांति दल के गोकुल नगरकोटी, मल्ला स्यूनरा विकास मंच के चंदन बिष्ट, संसाधन पंचायत के किशोर तिवारी, प्रधान अरुण कुमार भोज, शीला आर्या, ज्योति डंगवाल, भावना आर्या, बालम बिष्ट, भगवत राम, सरपंच बहादुर मेहता, डूंगर सिंह, पूरन सिंह बिष्ट आदि शामिल रहे।
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