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कोरोना ने रोका जमीनी प्रचार, गांवों में कमजोर है संचार, ऐसे में सहारा बन रहे अखबार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:43 PM IST
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Election campaign in Almora
Election campaign in Almora
अल्मोड़ा। कोरोना महामारी का असर इस विधानसभा चुनाव पर भी पड़ रहा है। संक्रमण से बचने के लिए जमीनी चुनाव प्रचार पर रोक लगी है। वर्चुअल प्रचार का सहारा भी राजनीतिक दल इसलिए नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि कई गांव संचार से कटे हैं। ऐसे में इस चुनाव में मतदाताओं के साथ ही राजनीतिक दलों के लिए भी चुनाव संबंधी और अन्य विषयों पर जानकारी जुटाने और लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रामाणिक माध्यम अखबार बन रहे हैं।
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अलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 में अल्मोड़ा के छह विधानसभा क्षेत्रों में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए। इसके बाद लोकसभा चुनाव भी हुए। सभी चुनावों में राजनीतिक दलों ने गांव-गांव जाकर चुनाव प्रचार किया। प्रचार के लिए कम शर्तों के कारण अधिकतर दावेदार/प्रत्याशी घर-घर पहुंचे और मतदान की अपील की लेकिन इस बार के चुनाव में हालात कुछ और हैं। कोरोना संक्रमण के कारण शासन से नई एसओपी जारी की गई है, जिसके तहत राजनीतिक दल बड़े स्तर पर जमीनी प्रचार नहीं कर सकते। रैली, सभा आदि पर भी रोक लगी है।
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ऐसे में चुनाव प्रचार का माध्यम सोशल मीडिया है लेकिन अल्मोड़ा जिले में करीब 250 गांव संचार सुविधा से वंचित हैं। इंटरनेट के लिए कहीं टू जी नेटवर्क है तो फोन पर सिर्फ बात ही हो सकती है। व्हाट्सएप या मोबाइल का कोई और एप चलाना कठिन है। इससे राजनीतिक दल सोशल मीडिया के जरिये भी मतदाता तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिला मुख्यालय में दलों को सोशल मीडिया का लाभ मिल रहा है लेकिन संचार से कटे ग्रामीण क्षेेत्रों में अखबार ही लोगों तक चुनावी गतिविधियों से संबंधित जानकारी पहुंचाने में मददगार साबित हो रहा है।
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जिले में सैकड़ों लोग इंटरनेट से दूर
अल्मोड़ा। जिले की सल्ट, अल्मोड़ा, रानीखेत, सोमेश्वर, जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों लोग आज भी संचार सुविधा की कमजोरी से इंटरनेट से दूर हैं। सल्ट क्षेत्र में करीब 1200, कनालीछीना क्षेत्र में 1500 से अधिक, रानीखेत विधानसभा में करीब 30,000 लोग नेटवर्क की समस्या से इंटरनेट नहीं चला पाते हैं। सोमेश्वर, जागेश्वर, द्वाराहाट विधानसभा में भी कई ऐसे गांव हैं जहां नेटवर्क की समस्या है।

बुजुर्ग कर रहे की पैड वाले फोन का इस्तेमाल
अल्मोड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नेटवर्क की समस्या है वहीं शहरी क्षेत्रों में कई बुजुर्ग ऐसे हैं जो आज भी की पैड वाले फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोज अखबार पढ़ना उनकी आदत है। कई अन्य लोग भी अखबार के साथ अपने दिन की शुरुआत अपनी जानकारी अपडेट रखते हैं। अभी चुनावी मौसम में कई अन्य लोगों ने भी अखबार को जानकारी के श्रोत के रूप में चुना है।
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